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Railway : डीजल से भरी मालगाड़ी में लगी भीषण आग, 8 ट्रेने रद्द

Anuj Kumar
Anuj Kumar
Railway : डीजल से भरी मालगाड़ी में लगी भीषण आग, 8 ट्रेने रद्द

तिरुवल्लूर। तमिलनाडु के तिरुवल्लूर रेलवे स्टेशन (Railway Station) पर भयानक हादसा हो गया। डीजल से भरी एक मालगाड़ी में अचानक आग लग गई। कुछ ही देर में आग कई बोगियों तक फैल गई, जिसमें से ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। इस घटना से पूरे स्टेशन पर हड़कंप (Stir UP) मच गया। सूचना मिलते ही हमारी टीम ने मौके पर पहुंच कर आग बुझाना शुरू कर दिया।

डीजल में आग लगने की वजह से इसे बुझाना बहुत बड़ी चुनौती बन गया है। ऐसे में कई अन्य टीमें भी मौके के लिए रवाना की गई हैं। बता दें कि यह ट्रेन मनाली से तिरुपति जा रही थी। रास्ते में तिरुवल्लूर रेलवे स्टेशन के पास ही ट्रेन में आग लग गई। प्रशासन ने आसपास मौजूद लोगों को स्टेशन खाली करने का निर्देश दे दिया। इस घटना के कारण चेन्नई (Chennai) की तरफ आने-जाने वाली ट्रेनें भी रोक दी गईं हैं। दक्षिण रेलवे ने 8 ट्रेनें रद कर दी हैं और 5 ट्रेनों को डायवर्ट कर दिया गया है।

मालगाड़ी में लगी आग का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है

मालगाड़ी में लगी आग का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। आग इतनी भयंकर थी कि तेज लपटों के साथ पूरे आसमान में धुएं का काला गुबार ही दिखाई दे रहा है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इस घटना में किसी की जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है। आग की सूचना मिलते ही स्टाफ हरकत में आ गया। फायर विभाग और रेस्क्यू टीम को इसकी सूचना दी गई।

दमकल कर्मी आग पर काबू नहीं पा सके हैं

कई घंटों की मशक्कत के बाद भी दमकल कर्मी आग पर काबू नहीं पा सके हैं। आग लगने की वजह का पता लगाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ट्रेन की बोगियों में डीजल भरा था। ऐसे में आग लगते ही डीजल भी जलने लगा, जिससे आग बुझाना काफी मुश्किल हो गया। यह आग एक-एक करके लगातार 4 बोगियों तक फैल गई। ट्रेन में भरा डीजल धूं-धूं कर चलने लगा।

कौन सा देश नहीं है। 1 रेलवे में?

दुनिया का सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क – संयुक्त राज्य अमेरिका, संयुक्त राज्य अमेरिका में विश्व का सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क है, जिसकी कुल लम्बाई 220,480 किलोमीटर है।

भारतीय रेलवे का जनक कौन है?

लॉर्ड डलहौजी ने 1848 से 1856 तक भारत के गवर्नर-जनरल के रूप में कार्य किया। ऐसा भी कहा जाता है कि उन्होंने 1853 के अपने प्रसिद्ध रेलवे मिनटों के माध्यम से अंग्रेजों को भारत में रेलवे शुरू करने के लिए राजी किया था। इस प्रकार, उन्हें भारतीय रेलवे का जनक माना जाता है और यह सही विकल्प है।

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