श्रीनगर,। महबूबा मुफ्ती ने इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) की कड़ी आलोचना करते हुए ईरान (Iran) पर अमेरिका (America) और इजराइल के संयुक्त हमलों को लेकर उसकी चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे पूरे मुस्लिम जगत के साथ धोखा बताया।
संकट की घड़ी में ‘मूक दर्शक’ बना ओआईसी
एक्स पर पोस्ट के जरिए अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए महबूबा ने कहा कि जब अमेरिका और इजराइल ईरान की संप्रभुता के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई कर रहे हैं, तब ओआईसी का मूक दर्शक बने रहना बेहद निराशाजनक है। उन्होंने लिखा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की शहादत पर संगठन की चुप्पी और दोष ईरान पर ही मढ़ने की कोशिश चिंताजनक और शर्मनाक है।
‘निंदा के बजाय चुप्पी’ पर नाराजगी
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि ओआईसी को ईरान पर हुए हमले की कड़ी निंदा करनी चाहिए थी, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की चुप्पी परोक्ष रूप से हमलों का समर्थन करने जैसा है और यह मुस्लिम समुदाय की सामूहिक अंतरात्मा के साथ विश्वासघात है।
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पहले भी लगते रहे हैं आरोप
ओआईसी पर पहले भी पक्षपातपूर्ण रुख अपनाने के आरोप लगते रहे हैं। कई मौकों पर इसे पाकिस्तान का प्रॉक्सी बताकर आलोचना की गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हालिया संयुक्त हवाई हमलों के बाद क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और गहरा गया है।
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