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NEET: NEET पेपर लीक कांड: महाराष्ट्र के बड़े कोचिंग डायरेक्टर गिरफ्तार

Author Icon By Dhanarekha
Updated: May 18, 2026 • 2:29 PM
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मोबाइल में मिला लीक पेपर

नई दिल्ली/मुंबई: NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 10वीं गिरफ्तारी करते हुए लातूर के मशहूर केमिस्ट्री कोचिंग डायरेक्टर शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसी को रविवार को छापेमारी के दौरान मोटेगांवकर के मोबाइल फोन से परीक्षा का लीक पेपर और आंसर-की बरामद हुई। सीबीआई का आरोप है कि मोटेगांवकर उस संगठित गिरोह का हिस्सा है जिसने परीक्षा से काफी पहले, यानी 23 अप्रैल को ही पेपर हासिल कर लिया था और इसे कई उम्मीदवारों और डॉक्टरों को ऊंचे दामों पर बेचा था

NTA पेपर सेटिंग कमेटी से जुड़े थे तार

इस पूरे स्कैंडल में सबसे चौंकाने वाला खुलासा परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था (NTA) के भीतर से हुआ है। सीबीआई के अनुसार, गिरफ्तार की गई बायोलॉजी मंधारे NTA की पेपर सेटिंग कमेटी का हिस्सा थीं और उन्हें पता था कि परीक्षा में कौन से सवाल आने वाले हैं। उन्होंने पुणे में स्पेशल कोचिंग क्लास चलाकर छात्रों को बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्न पहले ही नोट करवा दिए थे। इसके अलावा, लातूर के केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी भी इस मास्टरमाइंड नेटवर्क का हिस्सा पाए गए हैं, जिन्होंने अप्रैल के अंतिम सप्ताह में ही छात्रों को परीक्षा के सटीक सवाल और जवाब रटवा दिए थे।

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राजनीतिक घमासान और प्रशासनिक फेरबदल

पेपर लीक की खबरों और 12 मई को परीक्षा रद्द होने के बाद देश भर में आक्रोश है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए सवाल किया है कि बार-बार पेपर लीक होने के बावजूद जिम्मेदारी तय क्यों नहीं की जा रही है। इस बीच, केंद्र सरकार ने डैमेज कंट्रोल करते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में बड़ा फेरबदल किया है और आकाश जैन व आदित्य राजेंद्र भोजगढ़िया समेत 4 नए अधिकारियों की नियुक्ति की है, ताकि आगामी पुन: परीक्षाओं (Re-exam) की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर की गिरफ्तारी क्यों महत्वपूर्ण मानी जा रही है?

मोटेगांवकर की गिरफ्तारी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वह 100 करोड़ के टर्नओवर वाले कोचिंग संस्थान (RCC) के मालिक हैं और उनके मोबाइल से सीधे तौर पर लीक पेपर बरामद हुआ है, जो कोचिंग माफिया की सीधी संलिप्तता का ठोस सबूत है।

NTA की आंतरिक व्यवस्था पर क्या गंभीर आरोप लगे हैं?

जांच में सामने आया है कि NTA की पेपर सेटिंग कमेटी के सदस्य जैसे बायोलॉजी मंधारे और पैनलिस्ट पीवी कुलकर्णी ने ही गोपनीयता का उल्लंघन किया। उन्होंने परीक्षा से पहले ही छात्रों को वे प्रश्न और विकल्प बता दिए थे जो मूल प्रश्नपत्र में आने वाले थे।

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