Mid Day Meal Milk Adulteration : मिड डे-मील में लापरवाही का मामला

Read Time:  1 min
मिड डे-मील
मिड डे-मील
FONT SIZE
GET APP

पानी भरी बाल्टी में 1 लीटर दूध मिलाकर बच्चों को बांटा गया

एक सरकारी स्कूल में मिड डे-मील के तहत बच्चों को दिए जाने वाले दूध में गंभीर लापरवाही सामने आई। आरोप है कि पानी से भरी बाल्टी में सिर्फ 1 लीटर दूध मिलाकर उसे सभी बच्चों में बांट दिया गया। यह मामला शिक्षा व्यवस्था और पोषण योजना दोनों पर सवाल खड़े करता है।

Mid Day Meal Milk Adulteration: महोबा के सरकारी स्कूल में मिड-डे मील के दूध (Mid Day Meal Milk) में पानी मिलाने का वीडियो सोशल मीडिया तेजी से वायरल हो रहा है। इस मामले में BSA ने आरोपी प्रधानाध्यापिका से स्पष्टीकरण की डिमांड की है।

Mahoba Adulterated Milk: यूपी में महोबा जिले (Mahoba district) के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को मिलने वाले मिड डे मील के दूध में पानी मिलाने का वीडियो वायरल हो रहा है। एक अन्य वीडियो में टीचर सोते हुए भी दिखाई दे रहे हैं। प्रधानाध्यपिका की मौजूदगी में रसोइया की तरफ से पानी में दूध मिलाने और प्रधानाध्यापिका के स्कूल में सोने के मामले में शिक्षा महकमे में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले में इंडिया टीवी की खबर का बड़ा असर हुआ है। प्राथमिक विद्यालय की प्रिंसिपल मोनिका सोनी को सस्पेंड कर दिया गया है। प्रथम दृष्टया दोषी माने जाने पर निलंबित किया गया। सस्पेंड के दौरान प्राथमिक विद्यालय सिजेहरी अटैच किया गया

बाल्टी में पानी भरकर मिलाया दूध

वायरल वीडियो में साफतौर पर देखा जा सकता है कि किस तरीके से रसोइया, प्रधानाध्यापिका की मौजूदगी में बाल्टी में भरे पानी में पैकेट का दूध मिला रही है। वहीं, दूसरे वीडियो में प्रधानाध्यापिका को शिक्षा के मंदिर में बच्चों को पढ़ाने की जगह आराम फरमाते हुए देखी जा सकता हैं। वायरल वीडियो महोबा में चर्चा का विषय बना हुआ है।

अन्य पढ़े: USA- एपस्टीन फाइल्स ने अमेरिका के न्याय और मूल्यों की पोल खोली

आरोपी प्रधानाध्यापिका से मांगा गया स्पष्टीकरण

बता दें कि ये मामला कबरई ब्लॉक के ढिकवाहा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय का है। वायरल वीडियो महोबा में शिक्षा की गुणवत्ता पर सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं। हालांकि, मामला संज्ञान में आने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल मिश्रा ने नोटिस जारी करके आरोपी प्रधानाध्यापिका से 2 दिन में स्पष्टीकरण मांगा और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कड़े एक्शन की बात कही थी।

सप्ताह में 200 ML दूध देने का है प्रावधान

दरअसल, मिड डे मील के तहत बच्चों को पोषण के रूप में सप्ताह में 200 मिलीमीटर दूध देने का प्रावधान है, लेकिन इस पर भी भ्रष्टाचार में लिप्त शिक्षकों की मनमानी चल रही है। जिसके चलते बच्चों को मिलने वाले इस पोषण तत्व पर भी डाका डालने का काम किया जा रहा है।

मामले को लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा था कि दो अलग-अलग वीडियो संज्ञान में आए हैं। एक वीडियो में रसोइया, प्रधानाध्यापिका की मौजूदगी में दूध में पानी मिला रही है जबकि दूसरे वीडियो में प्रधानाध्यापिका सोई हुई नजर आ रही हैं। शिक्षा के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अन्य पढ़े:

Surekha Bhosle

लेखक परिचय

Surekha Bhosle

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।