नई दिल्ली । देश के पूर्व गृह मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम (P.Chidbram) के एक बयान ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। चिदंबरम ने एक इंटरव्यू में पहलगाम आतंकी हमले में पाकिस्तान की संलिप्तता पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि हमला करने वाले आतंकी पाकिस्तान से आए थे। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, ‘वे (NIA) यह बताने को तैयार नहीं हैं कि इन हफ्तों में उन्होंने क्या किया है। क्या एनआईए ने आतंकवादियों की पहचान की है? या यह पता लगाया है कि वे कहां से आए थे? क्या पता, वे देश के ही आतंकवादी हों।
आतंकियों ने 26 पर्यटकों का नरसंहार कर दिया था
आप यह क्यों मान रहे हैं कि वे पाकिस्तान से आए थे? इसका कोई सबूत नहीं है। चिदंबरम का यह बयान 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसरण घाटी में हुए आतंकी हमले को लेकर, जिसमें आतंकियों ने 26 पर्यटकों का नरसंहार कर दिया था। मृतकों में ज्यादातर हिंदू पर्यटक थे। इस हमले की जिम्मेदारी शुरुआत में द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी, जो पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का एक मोर्चा माना जाता है। हालांकि बाद में टीआरएफ ने इससे इनकार कर दिया।
हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों को पाकिस्तानी नागरिक बताया गया है
भारतीय जांच एजेंसियों, विशेष रूप से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इस हमले के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) और लश्कर की भूमिका की पुष्टि की है, जिसमें हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों को पाकिस्तानी नागरिक बताया गया है। भड़की भाजपा बोली- कांग्रेस ने पाकिस्तान को दी क्लीन चिट चिदंबरम के इस बयान पर भाजपा ने तीखा हमला बोला है, और पार्टी के नेताओं ने कांग्रेस पर पाकिस्तान को ‘क्लीन चिट’ देने और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर ‘इस्लामाबाद के वकील’ बनने का आरोप लगाया है।
क्या एनआईए ने आतंकवादियों की पहचान की या वे कहां से आए?
बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘पी चिदंबरम, यूपीए-काल के पूर्व गृह मंत्री और कुख्यात ‘भगवा आतंक’ सिद्धांत के प्रणेता, ने एक बार फिर खुद को शर्मसार किया है। वे कहते हैं, ‘क्या एनआईए ने आतंकवादियों की पहचान की या वे कहां से आए? क्या पता वे देश के ही आतंकवादी हों। आप क्यों मान रहे हैं कि वे पाकिस्तान से आए? इसका कोई सबूत नहीं है।’ कांग्रेस एक बार फिर पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को क्लीन चिट देने की जल्दबाजी में है। जब भी हमारी सेनाएं पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का सामना करती हैं, कांग्रेस नेता भारत के विपक्ष से ज्यादा इस्लामाबाद के बचाव पक्ष के वकील नजर आते हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर कोई अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए, लेकिन कांग्रेस हमेशा दुश्मन की रक्षा के लिए पीछे की ओर झुकती है।’ उधर बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी एक्स पर तंज कसते हुए लिखा, ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है? कांग्रेस कहती है कि पहलगाम हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार मत ठहराइए! कांग्रेस पाकिस्तानी आतंक का बचाव पाकिस्तान से भी बेहतर करती है!’
पहलगाम का इतिहास क्या है?
पहलगाम का उल्लेख चरवाहों की घाटी के रूप में भी किया जाता है क्योंकि कई शताब्दियों तक यह स्थान खानाबदोश चरवाहों की चरागाह थी। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव ब्रह्मांड का रहस्य, अपनी अमरता का स्रोत और जीवन के अमृत के बारे में अपनी पत्नी के साथ साझा करना चाहते थे।
पहलगाम हमले में कितने लोग शहीद हुए थे?
इसे सुनें2025 पहलगाम हमला भारतीय प्रशासित जम्मू और कश्मीर में पहलगाम के पास पांच सशस्त्र आतंकवादियों द्वारा पर्यटकों पर एक आतंकवादी हमला था जिसमें 22 अप्रैल 2025 को 26 नागरिक मारे गए थे।
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