नई दिल्ली। लोकसभा स्पीकर (Om Birla) के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने के बाद अब कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त (Gyanesh Kumar) के खिलाफ भी ऐसा ही प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रही है। विपक्षी दलों के दो वरिष्ठ नेताओं ने सोमवार को इसके संकेत दिए। जानकारी के मुताबिक, ओम बिरला के अविश्वास प्रस्ताव के निपटारे के बाद विपक्ष ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन लाने पर विचार कर रहा है। अगर संसद में महाभियोग का नोटिस दिया जाता है, तो देश में पहली बार किसी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ ऐसा कदम उठाया जाएगा।
इंडिया गठबंधन की रणनीति
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि एसआईआर के विरोध में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ यह प्रस्ताव लाने की तैयारी है। उनका कहना है कि (INDIA Alliance) के सहयोगी दलों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा हो चुकी है और कई पार्टियां इसके लिए सहमत हैं।
वोटर लिस्ट मुद्दे पर बढ़ा विवाद
कांग्रेस नेता के अनुसार अलग-अलग राज्यों में वोटर रोल से जुड़े एसआईआर को लेकर विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई जा सकती है।
महाभियोग प्रस्ताव की प्रक्रिया
नियमों के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए लोकसभा में कम से कम 100 सांसदों और राज्यसभा में कम से कम 50 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं। इसके बाद ही संबंधित नोटिस को विचार के लिए स्वीकार किया जाता है।
सुप्रीम कोर्ट जज की तरह ही हटाने का प्रावधान
2023 के कानून के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से केवल उसी प्रकार और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है, जैसे Supreme Court of India के न्यायाधीश को हटाया जाता है। यानी उन्हें हटाने का एकमात्र तरीका संसद के दोनों सदनों में महाभियोग पारित होना है।
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विपक्ष का चुनाव आयोग पर लगातार हमला
यह खबरें ऐसे समय सामने आई हैं जब विपक्ष एसआईआर के मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग की लगातार आलोचना कर रहा है। Rahul Gandhi ने भी इस मुद्दे पर अभियान चलाते हुए आयोग पर वोट चोरी के आरोप लगाए थे। वहीं Mamata Banerjee ने एसआईआर प्रक्रिया को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, हालांकि अदालत ने इस प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
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