National- पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत, समर्थकों और नेताओं का जताया आभार

Read Time:  1 min
पवन खेड़ा
पवन खेड़ा
FONT SIZE
GET APP

नई दिल्ली,। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने असम के सीएम हिमंत बिस्वा (Himant Biswa) सरमा की पत्नी को लेकर कथित बयानबाजी के मामले में अग्रिम जमानत दे दी है।

सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत

इस पर उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह केवल एक व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि उन लोगों के लिए एक चेतावनी है जो सत्ता का दुरुपयोग करते हैं कि जब तक हम एक संवैधानिक लोकतंत्र बने रहेंगे, तब तक राजनीतिक बदले की भावना के लिए व्यक्तिगत आजादी की बलि नहीं चढ़ाई जा सकती।

फैसले को बताया कानून की जीत

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से राहत मिलने के बाद पवन खेड़ा ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया। इसमें उन्होंने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह कानून के शासन की जीत है।

शीर्ष नेताओं का जताया आभार

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद करते हुए लिखा कि यह फैसला उनके लिए सिर्फ कानूनी राहत नहीं, बल्कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता और संविधान की मजबूती का भी संकेत है। अपने पोस्ट में पवन खेड़ा ने सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल सहित कई नेताओं का धन्यवाद किया।

कानूनी टीम को भी दिया श्रेय

साथ ही उन्होंने अपनी कानूनी टीम, खासकर वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी और अन्य अधिवक्ताओं का भी उल्लेख किया, जिन्होंने इस मामले में उनकी पैरवी की।

‘राजनीतिक प्रतिशोध’ का आरोप

खेड़ा ने कहा कि यह पूरा मामला एक राजनीतिक प्रतिशोध का उदाहरण था। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सत्ता का इस्तेमाल उनके खिलाफ दबाव बनाने के लिए किया गया।

समर्थकों का किया धन्यवाद

यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं बल्कि राजनीतिक भी था, जिसमें उनकी स्वतंत्रता को प्रभावित करने की कोशिश की गई। अपने पोस्ट में उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों का भी धन्यवाद दिया, जिन्होंने इस पूरे समय उनका साथ दिया और हौसला बढ़ाया। उन्होंने लिखा कि जनता का समर्थन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

लोकतंत्र के लिए अहम संदेश

पवन खेड़ा ने कहा कि यह फैसला सिर्फ उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि उन सभी लोगों के लिए एक संदेश है जो लोकतंत्र और संविधान में विश्वास रखते हैं।

अन्य पढ़े: नेपाल में अमेरिकी दूत की दस्तक

‘सत्यमेव जयते’ के साथ खत्म की बात

उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में व्यक्तिगत स्वतंत्रता को राजनीतिक कारणों से कुचला नहीं जा सकता। उन्होंने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि चाहे सच्चाई को कितना भी दबाने की कोशिश की जाए, अंत में जीत हमेशा सत्य की होती है। इसके साथ उन्होंने “सत्यमेव जयते” लिखा।

Read More :

Anuj Kumar

लेखक परिचय

Anuj Kumar

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।