नई दिल्ली । बदलते दौर में नौकरी बदलना आम हो गया है, लेकिन नई कंपनी जॉइन करते वक्त पुराना UAN साझा न करना भविष्य में भारी नुकसान का कारण बन सकता है। ऐसी स्थिति में EPFO कर्मचारी के नाम पर नया (UAN) जारी कर देता है और एक ही व्यक्ति के पास दो या उससे अधिक UAN हो जाते हैं, जो नियमों के खिलाफ है। इससे PF ब्याज, टैक्स और रिटायरमेंट फंड पर सीधा असर पड़ता है।
क्यों जरूरी है UAN
UAN यानी यूनिवर्सल अकाउंट नंबर 12 अंकों का एक स्थायी नंबर होता है, जो पूरे करियर में सिर्फ एक ही होना चाहिए। इसी UAN से आपके सभी PF खाते लिंक रहते हैं। अगर PF की रकम अलग-अलग UAN में बंट जाती है, तो सबसे बड़ा नुकसान ब्याज का होता है। (EPFO) केवल सक्रिय खातों पर ही नियमित ब्याज देता है। यदि कोई खाता तीन साल तक निष्क्रिय रहता है, तो उस पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है।
टैक्स से जुड़ा बड़ा जोखिम
अगर आपकी नौकरी की अवधि अलग-अलग UAN में बंटी हुई है और PF निकालते समय पांच साल की निरंतर सेवा साबित नहीं हो पाती, तो PF पर टैक्स देना पड़ सकता है। यही वजह है कि एक से ज्यादा UAN भविष्य में आर्थिक नुकसान की वजह बन सकता है।
कैसे बन जाता है एक से ज्यादा UAN
अक्सर गलत या अधूरी जानकारी के कारण नया UAN बन जाता है।
- आधार, पैन या नाम की स्पेलिंग में अंतर
- जन्मतिथि का मेल न खाना
- पिछली कंपनी द्वारा एग्जिट डेट अपडेट न करना
ऐसे करें UAN मर्ज, चुटकियों में समाधान
UAN मर्ज करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि आधार, पैन और EPFO रिकॉर्ड में नाम, जन्मतिथि और जेंडर एक जैसे हों। KYC पूरी और वेरिफाइड हो तथा पुरानी नौकरी की एग्जिट डेट अपडेट हो। इसके बाद EPFO मेंबर पोर्टल पर लॉगिन करें और ‘One Member–One EPF Account’ सर्विस के जरिए पुराने PF अकाउंट को मौजूदा सक्रिय UAN में ट्रांसफर करें। रिक्वेस्ट सबमिट करने के बाद आपको एक ट्रैकिंग नंबर मिलेगा, जिससे आप स्टेटस चेक कर सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, समय रहते UAN मर्ज कर लेना न सिर्फ PF ब्याज को सुरक्षित रखता है, बल्कि भविष्य में टैक्स और रिटायरमेंट से जुड़ी परेशानियों से भी बचाता है।
Read More :