नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिसंबर 2025 में अफ्रीका यात्रा (Africa Trip ) के बाद भारत और इथोपिया के बीच द्विपक्षीय संबंध तेजी से बेहतर हुए हैं। इस दौरे ने दोनों देशों को अगले दशक में उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में रोडमैप तैयार करने का मौका दिया।
व्यापार से आगे बहुआयामी साझेदारी
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कई दशकों में भारत-इथोपिया व्यापारिक संबंध बहुआयामी साझेदारी में विकसित हुए हैं, जो मजबूत माल व्यापार, इथोपियाई उद्योग और बुनियादी ढांचे में भारतीय निवेश पर आधारित हैं।
रणनीतिक प्रवेश द्वार के रूप में दोनों देश
दोनों देश एक-दूसरे को व्यापक क्षेत्रों तक पहुँच का प्रवेश द्वार मानते हैं। भारत के लिए यह अफ्रीकी महाद्वीपीय मुक्त व्यापार क्षेत्र है, जबकि इथोपिया के लिए हिंद महासागर (Indian Ocean) और एशियाई बाजार हैं, जो द्विपक्षीय व्यापार को रणनीतिक आयाम देते हैं।
द्विपक्षीय व्यापार 550 मिलियन डॉलर के करीब
भारतीय आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों देशों का कुल द्विपक्षीय व्यापार करीब 550.19 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा। इसमें भारत का निर्यात 476.81 मिलियन डॉलर (Million Dollar) और इथोपिया से आयात 73.38 मिलियन डॉलर दर्ज किया गया।
भारत से फार्मा व मशीनरी, इथोपिया से कृषि उत्पाद
भारत मुख्य रूप से फार्मास्यूटिकल्स, चिकित्सा उत्पाद, लोहा-इस्पात, मशीनरी, वाहन और ऑटो पार्ट्स, विद्युत व इंजीनियरिंग सामान, रसायन, प्लास्टिक और उपभोक्ता वस्तुएँ निर्यात करता है। वहीं इथोपिया से भारत दालें, तिलहन, मसाले, चमड़ा व चमड़े के उत्पाद, अलसी का धागा तथा चुनिंदा खनिज या अर्ध-कीमती पत्थर आयात करता है।
इथोपिया में भारतीय निवेश को मिली रफ्तार
व्यापार के अलावा, भारत इथोपिया में सबसे महत्वपूर्ण विदेशी निवेशकों में से एक के रूप में उभरा है। भारतीय कंपनियों का स्वीकृत निवेश लगभग 5 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँच चुका है।
लाइन ऑफ क्रेडिट से बुनियादी ढांचे को मजबूती
इसके अतिरिक्त, इथोपिया भारतीय लाइन ऑफ क्रेडिट प्राप्त करने वाले सबसे बड़े अफ्रीकी देशों में शामिल है। उसे 1 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की स्वीकृत ऋण लाइनें मिली हैं, जिनका उपयोग रेलवे, बिजली ट्रांसमिशन, औद्योगिक अवसंरचना और अन्य रणनीतिक परियोजनाओं में किया गया है।
पीएम मोदी के दौरे से रिश्तों को नई दिशा
कुल मिलाकर, पीएम मोदी के दौरे ने दोनों देशों के कूटनीतिक, व्यापारिक और निवेश संबंधों को नई दिशा दी है। भारत और इथोपिया अब अपने आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को और व्यापक बनाने की ओर अग्रसर हैं, जिससे दोनों देशों के विकास और वैश्विक बाजारों में अवसर बढ़ेंगे।
मोदी जी कितने पढ़े-लिखे हैं?
साल 1978 में मोदी राजनीतिशास्त्र में बीए कइलें, दिल्ली विश्वविद्यालय के पत्राचार माध्यम से, आ थर्ड डिवीजन पास भइलें। पाँच बरिस बाद, 1982 में, गुजरात विश्वविद्यालय से राजनीति बिज्ञान में एमए के डिग्री लिहलें।
लगातार 3 बार प्रधानमंत्री कौन बने?
2024 के संसदीय चुनावों में एक और निर्णायक जीत के बाद, श्री नरेन्द्र मोदी ने 9 जून 2024 को तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली।
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