आंबेडकर को कभी भी कांग्रेस ने नहीं दिया सम्मान
एमपी हाईकोर्ट की ग्वालियर पीठ के परिसर में आंबेडकर प्रतिमा पर उपजे विवाद पर सीएम यादव (CM Yadav) ने कहा कि कांग्रेस (Congress) को यह बताना चाहिए कि उसने राज्य में अपने 55 साल के शासन के दौरान आंबेडकर की जन्मस्थली महू के लिए क्या किया? उन्होंने कहा कि उसने तो उनकी जन्मस्थली को भी नजरअंदाज करने की कोशिश की।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर संविधान निर्माता डॉ. बीआर आंबेडकर की विरासत के अपमान का आरोप लगाते हुए बुधवार को कहा कि प्रमुख विपक्षी दल आंबेडकर के नाम पर महज वोट पाने के लिए ग्वालियर में बेशर्मी से नाटक कर रहा है। उन्होंने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर पीठ के परिसर में आंबेडकर की प्रतिमा लगाने की मांग को लेकर इस शहर में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर निशाना साधते हुए यह बात कही। यादव ने इंदौर में संवाददाताओं से कहा कि आंबेडकर के जीते जी और उनके निधन के बाद भी कांग्रेस ने उन्हें कभी सम्मान नहीं दिया।
कांग्रेस से इन सवालों के भी मांगे जवाब
उन्होंने कहा,‘‘..लेकिन आज कांग्रेस के नेता आंबेडकर के नाम पर केवल वोट पाने के लिए ग्वालियर में बेशर्मी से नाटक कर रहे हैं। जनता सब जानती है और वह कांग्रेस के पाप भूली नहीं है।’’मुख्यमंत्री ने दावा किया कि कांग्रेस के नेताओं ने पहले इसके ‘सारे प्रबंध’ किए कि मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर पीठ के परिसर में आंबेडकर की प्रतिमा न लग सके। उन्होंने कहा, “और आज जब उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के सामने इस प्रतिमा का मामला पहुंच चुका है, तो कांग्रेस के नेता प्रदेश भर में तमाशा कर रहे हैं।”
Congress के वर्तमान नेतृत्व को जनता से क्षमा मांगनी चाहिए
यादव ने आपातकाल की 50वीं बरसी पर Congress पर तीखा हमला बोला और कहा कि यह पार्टी हमेशा से संविधान का मखौल उड़ाती रही है। उन्होंने कहा ,‘‘देश पर आपातकाल का कलंक कांग्रेस के शासनकाल में लगा था और लोकतंत्र को बंदी बना लिया गया था। इसके लिए कांग्रेस के वर्तमान नेतृत्व को जनता से क्षमा मांगनी चाहिए।’’तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 25 जून, 1975 को देश में आपातकाल लगाया था। इस दौरान नागरिक अधिकारों को निलंबित करते हुए विपक्षी नेताओं और असंतुष्ट लोगों को जेल में बंद कर दिया गया था और प्रेस पर सेंसरशिप लागू की गई थी।
कांग्रेस पर लगाए ये गंभीर आरोप
मुख्यमंत्री ने कहा कि Congress ने हमेशा आंबेडकर का अपमान किया। हमारे देशवासी, राज्य के लोग और सभी वर्ग Congress के झूठे दिखावे के बारे में जानते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पार्टी ने यह सुनिश्चित किया कि आंबेडकर अपने जीवनकाल में किसी भी चुनाव में विजई न हों। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के मुख्य निर्माता और समाज सुधारक आंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल, 1891 को मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के महू में हुआ था।
छह दिसंबर, 1956 को नई दिल्ली में उनका निधन हो गया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि जब आंबेडकर का दिल्ली में निधन हुआ, तो Congress ने उनका अंतिम संस्कार करने से भी इनकार कर दिया, जिससे उनकी पत्नी को उनके पार्थिव शरीर को विमान से मुंबई (तब बॉम्बे) ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।