पटना में बढ़ती बिजली खपत और गर्मियों में ओवरलोड (Overload) की समस्या से निपटने के लिए बिजली विभाग ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। राजधानी में इस साल चार नए पावर सब स्टेशन बनाए जा रहे हैं, ताकि गर्मियों में लोगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सके और ओवरलोड की समस्या से राहत मिल सके।
गर्मियों में ओवरलोड से राहत की तैयारी
पटना के लोगों को अब गर्मियों में बिजली ओवरलोड होने पर चिंता करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए शहर में चार नए पावर सब स्टेशन (Power Sub Station) का निर्माण किया जा रहा है। इस संबंध में पेसू के जीएम दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि हर साल गर्मियों के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नए पावर सब स्टेशन बनाए जा रहे हैं।
इन क्षेत्रों में बन रहे नए पावर सब स्टेशन
जानकारी के मुताबिक इस साल पेसू पश्चिमी क्षेत्र के आसोपुर, उसरी और बिहटा (Bihta) में नए पावर सब स्टेशन बनाए जा रहे हैं। वहीं पेसू पूर्वी क्षेत्र में जगनपुरा के खेमनीचक इलाके में भी एक पावर सब स्टेशन का निर्माण किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से शहर में बिजली की खपत बढ़ने पर भी आपूर्ति पर असर नहीं पड़ेगा। फिलहाल पटना में 75 से अधिक पावर सब स्टेशन काम कर रहे हैं और कुछ अन्य का निर्माण जारी है।
पांच लाख से ज्यादा लोगों को मिलेगा लाभ
नए पावर सब स्टेशनों के शुरू होने से करीब पांच लाख से अधिक आबादी को सीधा फायदा मिलेगा। आसोपुर पावर सब स्टेशन को चालू भी कर दिया गया है। सभी नए स्टेशनों में 10 एमवीए के दो-दो पावर ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे, जबकि आसोपुर सब स्टेशन में ट्रांसफॉर्मर को चार्जिंग के साथ इंस्टॉल कर दिया गया है।
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गर्मियों में तेजी से बढ़ती है बिजली की खपत
पिछले दो सालों में गर्मियों के दौरान पटना में रोजाना बिजली की खपत 1000 मेगावाट से अधिक दर्ज की गई है। इसके बावजूद पेसू ने बिना किसी बड़ी बाधा के बिजली आपूर्ति बनाए रखी। इस साल शहर में बिजली की मांग बढ़कर 1200 से 1400 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं पूरे बिहार में गर्मियों के समय बिजली की मांग करीब 10,000 मेगावाट तक पहुंच जाती है, जिसे नॉर्थ बिहार और साउथ बिहार बिजली कंपनियां मिलकर पूरा करती हैं।
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