भोपाल, 3 जून 2025: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी अपने मध्य प्रदेश दौरे के दौरान एक नए विवाद में फंस गए हैं। भोपाल में ‘संगठन सृजन अभियान’ की शुरुआत के लिए पहुंचे राहुल गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की, लेकिन इस दौरान उन्होंने अपने जूते नहीं उतारे। इस घटना ने सियासी हलकों में हंगामा खड़ा कर दिया।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे भारतीय संस्कृति और संस्कारों के खिलाफ बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई।
राहुल गाँधी के जूतें नहीं उतारने पर सीएम मोहन यादव की फटकार
सीएम मोहन यादव ने भोपाल में बीजेपी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कहा, “मुझे पता चला कि राहुल गांधी भोपाल आए हैं, यह अच्छी बात है। लेकिन अपनी दादी इंदिरा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते समय उन्होंने जूते नहीं उतारे, जो मुझे ठीक नहीं लगा। यह हमारे संस्कारों के खिलाफ है। सनातन धर्म में संवेदनशीलता सर्वोपरि है।”
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें राहुल गांधी जूते पहने हुए इंदिरा गांधी की प्रतिमा पर फूल चढ़ाते नजर आए। बीजेपी ने इसे संस्कृति और परंपराओं के प्रति असंवेदनशीलता करार देते हुए राहुल गांधी पर निशाना साधा। पार्टी नेताओं ने कहा कि यह कृत्य न केवल अपमानजनक है, बल्कि यह दर्शाता है कि कांग्रेस नेता भारतीय मूल्यों का सम्मान नहीं करते।
राहुल गांधी इस दौरे पर कांग्रेस के संगठन को मजबूत करने के लिए ‘संगठन सृजन अभियान’ की शुरुआत करने आए थे। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के प्रतिनिधियों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की, जिसमें मध्य प्रदेश में पार्टी की स्थिति और 2028 के विधानसभा चुनावों की रणनीति पर चर्चा हुई। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राहुल गांधी को जाति जनगणना का नायक बताते हुए इस अभियान को ऐतिहासिक कदम करार दिया।
हालांकि, जूता विवाद ने उनके दौरे को चर्चा का केंद्र बना दिया। बीजेपी ने इसे कांग्रेस की सांस्कृतिक अज्ञानता का प्रतीक बताया, जबकि कांग्रेस ने इस मुद्दे को तूल देने के लिए बीजेपी पर राजनीतिक हमला बोला। इस विवाद ने एक बार फिर दोनों पार्टियों के बीच तीखी बयानबाजी को हवा दी है।