अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक संबंधों में हाल के दिनों में तल्खी देखने को मिली है। अमेरिकी प्रशासन ने भारत द्वारा रूसी तेल (Russia Oil) के आयात को लेकर अपना रुख कड़ा कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी दी गई है।
रिलायंस ने विवादित दावों का खंडन किया
मीडिया में आई एक रिपोर्ट में कहा गया था कि रूसी कच्चे तेल की बड़ी खेपें रिलायंस इंडस्ट्रीज की जामनगर रिफाइनरी की ओर बढ़ रही हैं। हालांकि, रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) ने इसे पूरी तरह निराधार और भ्रामक करार दिया। कंपनी ने आधिकारिक बयान में कहा कि पिछले तीन सप्ताहों से उनकी किसी भी रिफाइनरी पर रूसी तेल नहीं पहुंचा और जनवरी में भी कोई डिलीवरी योजना नहीं है।
अमेरिका का कड़ा रुख और टैरिफ की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि यदि भारत अपनी ऊर्जा और व्यापार नीतियों को अमेरिका की अपेक्षाओं के अनुसार नहीं ढालता है, तो भारी टैरिफ (Heavy Tarrif) लगाया जा सकता है। व्हाइट हाउस के ऑडियो संदेश में ट्रंप ने भारत के साथ व्यापार संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया और चेतावनी दी कि आवश्यक कदम न उठाने पर भारतीय निर्यात पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स और रिलायंस की प्रतिक्रिया
रिलायंस ने कहा कि तीन जहाजों के रूसी तेल लेकर जामनगर आने की खबरें झूठी हैं। कंपनी ने जिम्मेदार पत्रकारिता पर जोर देते हुए कहा कि बिना तथ्यों की जांच किए ऐसी खबरें प्रकाशित नहीं होनी चाहिए जो संस्थान की वैश्विक साख को प्रभावित करें।
अन्य पढ़े: Nepal- नेपाल में बुद्ध एयर का विमान रनवे से फिसला, बड़ा हादसा टला
भारत की ऊर्जा नीति और रणनीति
भारत सरकार ने बार-बार स्पष्ट किया है कि वह अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए राष्ट्रीय हित के अनुसार आयात के फैसले लेता रहेगा। वैश्विक तेल राजनीति और अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति पर दुनिया भर की नजरें टिकी हैं।
Read More :