तिरुवनंतपुरम। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पांच बार सांसद रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री के.पी. उन्नीकृष्णन (K.P. Unnikrishnan) का निधन हो गया है। पिनरायी विजयन (Pinrai Vijayan) ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे कांग्रेस के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। कोझिकोड के एक निजी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली, जिससे राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
पांच बार सांसद रहे, संसदीय परंपरा के मजबूत स्तंभ
साल 1936 में जन्मे उन्नीकृष्णन महज एक नेता नहीं, बल्कि संसदीय लोकतंत्र के जानकार और अनुभवी चेहरा थे। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वाटकरा लोकसभा सीट की जनता ने उन्हें लगातार पांच बार (1971 से 1996 तक) संसद भेजा। सत्ता के गलियारों में उनकी साख इतनी मजबूत थी कि वी.पी. सिंह सरकार में उन्हें दूरसंचार और जहाजरानी जैसे अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
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खाड़ी युद्ध के दौरान निभाई अहम भूमिका
साल 1990 में खाड़ी युद्ध के दौरान जब हजारों भारतीय नागरिकों की सुरक्षा खतरे में थी, तब उन्नीकृष्णन ने अपनी प्रशासनिक क्षमता और दूरदर्शिता से उनकी सुरक्षित वापसी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। कांग्रेस नेताओं सहित कई दिग्गजों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उनकी आत्मा की शांति की कामना की है।
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