चित्रदुर्ग/बेंगलुरु । कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले (Chitradurga District) में बुधवार देर रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। एनएच-48 पर हिरियूर तालुक के पास तेज रफ्तार लॉरी से टकराने के बाद एक स्लीपर बस में भीषण आग लग गई। इस हादसे में 10 से अधिक यात्रियों की मौके पर ही जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स (Media Reports) में मृतकों की संख्या 12 से 17 तक बताई जा रही है, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बेंगलुरु से गोकर्ण जा रही थी स्लीपर बस
हादसे का शिकार हुई स्लीपर बस बेंगलुरु से गोकर्ण (Bengluru to Gokarn) जा रही थी, जिसमें 30 से अधिक यात्री सवार थे। यह दुर्घटना रात करीब 2.30 बजे हुई, जब ज्यादातर यात्री गहरी नींद में थे।
तेज रफ्तार लॉरी ने डिवाइडर तोड़कर मारी टक्कर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक तेज रफ्तार लॉरी ने सड़क का डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन में घुसकर प्राइवेट कंपनी सीबर्ड ट्रांसपोर्ट की बस को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस के अगले हिस्से में तुरंत आग लग गई और कुछ ही मिनटों में पूरी बस आग की लपटों में घिर गई।
नींद में थे यात्री, आग लगते ही मची अफरा-तफरी
चूंकि बस स्लीपर थी और हादसा आधी रात को हुआ, इसलिए अधिकांश यात्री सो रहे थे। आग लगते ही बस के अंदर अफरा-तफरी मच गई। चश्मदीदों के मुताबिक, कई यात्री बाहर निकलने के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन घना धुआं और आग उनकी राह बन गई।
कुछ ने कूदकर बचाई जान, कई लपटों में फंसे
कुछ यात्रियों ने खिड़कियों और दरवाजों से कूदकर अपनी जान बचा ली, लेकिन कई लोग आग की लपटों में घिर गए और बाहर नहीं निकल सके।
ड्राइवर-क्लीनर बचे, लॉरी सवारों की मौत
ईस्ट जोन के आईजीपी रविकांत गौड़ा ने बताया कि बस के ड्राइवर और क्लीनर किसी तरह कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। वहीं, लॉरी के ड्राइवर और क्लीनर की मौके पर ही मौत हो गई।
घायलों का इलाज जारी, दो की हालत गंभीर
हादसे में घायल यात्रियों को तुरंत तुमकुरु जिले के शिरा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, दो यात्रियों की हालत गंभीर बनी हुई है।
स्कूल बस ड्राइवर बना अहम चश्मदीद
हादसे के समय बेंगलुरु से दांडेली जा रही एक स्कूल बस भी उसी मार्ग से गुजर रही थी। स्कूल बस के ड्राइवर ने बताया कि लॉरी अचानक गलत दिशा से आई और स्लीपर बस से टकरा गई। टक्कर बस के डीजल टैंक से हुई, जिससे जोरदार धमाका हुआ और आग भड़क उठी। ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए स्कूल बस को सड़क से नीचे उतार दिया, जिससे बच्चों की जान बच गई। पुलिस ने बताया कि यह ड्राइवर अहम प्रत्यक्षदर्शी है।
ऑनलाइन टिकट से परिजनों से संपर्क, डीएनए टेस्ट होंगे
पुलिस के अनुसार, ज्यादातर यात्रियों ने अपने टिकट ऑनलाइन बुक किए थे, जिससे उनके मोबाइल नंबर और अन्य जानकारियां मिली हैं। परिजनों से संपर्क किया जा रहा है। कई शव बुरी तरह जल चुके हैं, इसलिए पहचान के लिए डीएनए टेस्ट कराए जाएंगे।
पीएम मोदी ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस भीषण हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। कर्नाटक सरकार ने भी घायलों के इलाज और राहत कार्यों के निर्देश दिए हैं।
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तेज रफ्तार और लापरवाही बनी हादसे की वजह
बस के ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि उसने सामने से आ रही ओवरस्पीड लॉरी को देखकर बस को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश की, लेकिन टक्कर टाल नहीं सका। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।
यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर भारी वाहनों की रफ्तार, रात की निगरानी और स्लीपर बसों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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