नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता को लेकर आज संसद परिसर में विपक्ष ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी (sonia Gandhi) भी इस प्रदर्शन में शामिल हुईं और प्रदूषण संकट पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
सोनिया गांधी बोलीं—“बच्चे और बुजुर्ग सांस नहीं ले पा रहे”
सोनिया गांधी ने कहा कि वायु प्रदूषण से छोटे बच्चे परेशान हैं और मेरे जैसे बुजुर्गों के लिए भी यह बेहद मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि कुछ करना सरकार की जिम्मेदारी है और जल्द कदम उठाए जाने चाहिए।विपक्षी सांसदों ने मास्क और स्लोगन (Mask and Slogan) लिखे पोस्टर के साथ संसद परिसर में विरोध जताया।
प्रियंका गांधी का बयान—“यह स्वास्थ्य आपातकाल है”
वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने दिल्ली की हवा को ‘राष्ट्रीय स्वास्थ्य संकट’ बताया। उन्होंने कहा कि हर साल स्थिति बिगड़ती जा रही है और सिर्फ बयानबाजी होती है, जबकि बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेना मुश्किल हो गया है। उन्होंने मांग की कि इस मुद्दे पर संसद में तत्काल चर्चा हो।
सदन में स्थगन प्रस्ताव
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि दिल्ली में AQI 400 के पार है और यह बड़ी स्वास्थ्य आपदा है।
उन्होंने सदन में काम रोको प्रस्ताव देकर इस मुद्दे पर विस्तृत बहस की मांग की।
“दोनों सरकारें फेल”—अजय माकन का हमला
कांग्रेस नेता अजय माकन ने केंद्र और दिल्ली सरकार दोनों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि अब किसी प्रकार का ब्लेम गेम नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि जब तक दिल्ली के पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सुधार नहीं होगा, प्रदूषण की समस्या हल नहीं हो सकती।
प्रदूषण पर बढ़ता राजनीतिक दबाव
दिल्ली-एनसीआर में AQI लगातार ‘बहुत खराब’ और ‘गंभीर’ श्रेणी में बना हुआ है। विशेषज्ञों की चेतावनी और विपक्ष के बढ़ते दबाव के बीच, प्रदूषण अब सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि जन-स्वास्थ्य का गंभीर संकट बन गया है।
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