नई दिल्ली,। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) 7 और 8 फरवरी को मलेशिया के द्विपक्षीय दौरे पर रहेंगे। विदेश मंत्रालय द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के बीच उच्च स्तरीय वार्ता होगी।
व्यापार, रक्षा और समुद्री सहयोग पर होगी अहम चर्चा
इस बैठक में दोनों देशों के बीच सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों की समीक्षा की जाएगी, जिनमें मुख्य रूप से व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा और समुद्री सहयोग शामिल हैं।
डिजिटल, ऊर्जा और स्वास्थ्य जैसे उभरते क्षेत्रों पर फोकस
इसके अलावा डिजिटल और वित्तीय प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा (Education) और पर्यटन जैसे उभरते क्षेत्रों पर भी विशेष चर्चा होगी।
व्यापक रणनीतिक साझेदारी के बाद पहली यात्रा
यह यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अगस्त 2024 में भारत–मलेशिया संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा मिलने के बाद यह प्रधानमंत्री मोदी की पहली मलेशिया यात्रा है।
भारत–मलेशिया आर्थिक रिश्ते पहले से मजबूत
2011 से प्रभावी द्विपक्षीय व्यापक आर्थिक सहयोग समझौता (CECA) और आसियान–भारत समझौतों के माध्यम से दोनों देशों के आर्थिक संबंध पहले से ही मजबूत हैं। वर्तमान में मलेशिया आसियान क्षेत्र में भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वर्ष 2024–25 के आंकड़ों के अनुसार, दोनों देशों के बीच कुल व्यापार 19.9 अरब डॉलर रहा है।
भारतीय प्रवासियों और कारोबारी जगत से करेंगे संवाद
अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी मलेशिया में रह रहे करीब 29 लाख भारतीय प्रवासियों से संवाद करेंगे, जो विश्व में तीसरा सबसे बड़ा भारतीय प्रवासी समुदाय है।
भारत–मलेशिया सीईओ फोरम में भी होंगे शामिल
इसके साथ ही प्रधानमंत्री व्यापारिक जगत के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे और 10वें भारत–मलेशिया सीईओ फोरम में भी शिरकत करेंगे।
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एक्ट ईस्ट नीति को मिलेगी और मजबूती
यह दौरा न केवल दोनों देशों के बीच भविष्य के सहयोग की रूपरेखा तैयार करेगा, बल्कि दक्षिण–पूर्व एशिया में भारत की एक्ट ईस्ट नीति को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।
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