पटना । बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के संभावित तौर पर केंद्र की राजनीति में जाने की चर्चाओं के बीच एक समर्थक ने उनके आवास के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। समर्थक का कहना है कि नीतीश कुमार को बिहार की सेवा करते रहना चाहिए और उन्हें दिल्ली नहीं जाना चाहिए। समर्थक अमरेंद्र दास त्रिलोकी (Amrendra Das Triloki) ने शुक्रवार को सीएम आवास (CM Awas) के बाहर धरना देते हुए कहा कि यदि नीतीश कुमार राज्यसभा जाने के लिए मुख्यमंत्री पद छोड़ते हैं तो यह बिहार के लिए नुकसान होगा। उन्होंने अपील की कि नीतीश कुमार राज्य का नेतृत्व करते रहें और विकास की रफ्तार को आगे बढ़ाएं।
2005 के बाद बदला बिहार का हाल
अमरेंद्र दास त्रिलोकी ने बातचीत में कहा कि वर्ष 2005 से पहले बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब थी और आम लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। उनका कहना है कि नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद राज्य में विकास की नई शुरुआत हुई। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, स्वच्छ पेयजल और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण सुधार हुए हैं। राज्य में कई विकास योजनाएं चल रही हैं, जिनका सीधा लाभ आम लोगों को मिल रहा है।
‘हम उन्हें अपना परिवार मानते हैं’
त्रिलोकी ने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार को हमेशा अपने परिवार की तरह माना है और जनता भी उन्हें अपने परिवार का हिस्सा मानती है। उन्होंने कहा कि राज्य में आज बिजली, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं में काफी सुधार हुआ है। उनका कहना है कि जब तक नीतीश कुमार स्वस्थ हैं, तब तक उन्हें बिहार की सेवा करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा, “हम उन्हें दिल्ली नहीं जाने देंगे, उन्हें बिहार में ही रहकर राज्य को और आगे बढ़ाना चाहिए।”
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राज्यसभा नामांकन के बाद बढ़ी चर्चा
दरअसल हाल ही में नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया है। इसके बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि वे केंद्र की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। इसी संभावना के चलते उनके कुछ समर्थक चाहते हैं कि वे बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में ही काम करते रहें और राज्य का नेतृत्व जारी रखें।
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