कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मध्यमग्राम में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद राज्य में राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। इस घटना को लेकर शुभेंदु अधिकारी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे तृणमूल कांग्रेस के महा जंगल राज का परिणाम बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नतीजों के बाद राज्य भर में भाजपा कार्यकर्ताओं को योजनाबद्ध तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। अधिकारी ने बशीरहाट में एक कार्यकर्ता को गोली मारे जाने और बारानगर में एक अन्य पर चाकू से हुए हमले का जिक्र करते हुए कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
अमित शाह से की चर्चा, समर्थकों से शांति की अपील
अधिकारी ने बताया कि उन्होंने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री (Amit Shah) और पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से चर्चा की है। हालांकि, उन्होंने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने और कानून हाथ में न लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पुलिस महानिदेशक ने उन्हें उचित जांच का आश्वासन दिया है और पार्टी पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। भाजपा विधायक तरुणज्योति तिवारी ने भी इसे टीएमसी की बड़ी भूल करार देते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
टीएमसी ने आरोपों को किया खारिज
दूसरी ओर, (All India Trinamool Congress) ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए हत्या की कड़ी निंदा की है। टीएमसी नेतृत्व ने पलटवार करते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों में उनके अपने कार्यकर्ताओं को भी निशाना बनाया गया है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में हिंसा और राजनीतिक हत्याओं का कोई स्थान नहीं है।
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निष्पक्ष जांच की मांग, प्रशासन अलर्ट
टीएमसी ने मांग की है कि इस मामले की अदालत की निगरानी में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि असली दोषियों की पहचान हो सके। फिलहाल, राज्य में चुनाव बाद जारी हिंसा की खबरों के बीच प्रशासन अलर्ट पर है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। राजनीतिक दलों के बीच बढ़ते इस तनाव ने बंगाल के शांतिपूर्ण माहौल को एक बार फिर बड़ी चुनौती दे दी है।
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