తెలుగు | Epaper

Sunetra Pawar : मंत्री की बेटी से सांसद तक का सफर

Surekha Bhosle
Surekha Bhosle
Sunetra Pawar : मंत्री की बेटी से सांसद तक का सफर

सुनेत्रा पवार का नाम अब सिर्फ एक राजनीतिक परिवार तक सीमित नहीं रहा। वह एक वरिष्ठ नेता की बेटी, उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी, कॉरपोरेट मैनेजमेंट का अनुभव रखने वाली प्रोफेशनल और अब सांसद के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं।

सुनेत्रा भी एक बेहद ताकतवर (Sunetra Pawar) राजनीतिक परिवार की बहू होने के बाद भी राजनीति में देरी से आईं. साल 2024 के लोकसभा चुनाव में वह बारामती लोकसभा सीट से मैदान में उतरीं, लेकिन उन्हें अपनी भाभी सुप्रिया के हाथों में हार मिली. फिर उन्हें राज्यसभा भेज दिया गया. वह सामाजिक जीवन में भी सक्रिय सही हैं।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) की विमान हादसे में हुई मौत के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की कमान किसके पास जाएगी, यह सवाल राज्य की सियासत में गंभीर सवाल बन चुका है. अजित के अचानक चले जाने से महाराष्ट्र में जहां राजनीतिक शून्य पैदा हो गया है, वहीं पार्टी के भविष्य को लेकर चर्चा चल रही है

एनसीपी के अंदर ही अब इस बात पर चर्चा शुरू हो गई है कि क्या अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार पार्टी की कमान संभालने के लिए आगे आएंगी? क्या वह अपने पति की जगह उपमुख्यमंत्री की भूमिका निभा सकती हैं और उनके निधन से खाली हुई बारामती विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकती हैं।

कौन हैं सुनेत्रा अजित पवार?

विमान हादसे के बाद अचानक चर्चा में आईं सुनेत्रा अजित पवार राज्य की सियासत के बाहर कम ही चर्चा में रही हैं. वह वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं, लेकिन वो लो प्रोफाइल ही रही हैं. वह तब चर्चा में आई थीं जब उन्हें 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान बारामती सीट से अपनी ननद और शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले के खिलाफ मैदान में उतारा गया. तब ताकतवर पवार परिवार में ननद-भौजाई के बीच मुकाबला देखा गया और देशभर की नजर इस पर रही थी. हालांकि चुनावी जंग में सुप्रिया को जीत मिली, वहीं हार के बाद भी भाभी सुनेत्रा ने अपनी ननद को जीत की शुभकामना भी दी।

सुनेत्रा भी अपने पति की तरह महाराष्ट्र के एक रसूखदार राजनीतिक परिवार से नाता रखती हैं. उनका जन्म जन्म 18 अक्टूबर 1963 को हुआ था. वह वर्तमान में एनसीपी की ओर से महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्यसभा सांसद हैं।

सुनेत्रा के पिता भी बड़े नेता, मंत्री भी रहे

उनके पिता पद्मसिंह पाटिल राज्य के बड़े नेताओं में शुमार किए जाते थे. पद्मसिंह राज्य मंत्री और लोकसभा सांसद रहे थे. हालांकि चुनावी राजनीति में आने से पहले, सुनेत्रा सामाजिक कार्यों और पर्यावरण और प्रशासनिक भूमिकाओं के जरिए सार्वजनिक जीवन में बनी रहीं. उन्होंने एनवायरनमेंटल फोरम ऑफ इंडिया (EFOI) का गठन किया, जो आर्गेनिक खेती और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देता है।

वह EFOI की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) भी हैं. इसके अलावा वह बारामती टेक्सटाइल कंपनी की अध्यक्ष हैं. साथ ही वह शिक्षा के क्षेत्र से भी जुड़ी हुई हैं, वह विद्या प्रतिष्ठान की ट्रस्टी हैं, जो हजारों छात्रों को शिक्षा की व्यवस्था करता है।

चुनाव 2024 में ननद-भाभी में सियासी जंग

सुनेत्रा एक बड़े और बेहद ताकतवर राजनीतिक परिवार की बहू होने के बाद भी वह राजनीति में देरी से आईं. जबकि उनके परिवार के कई अन्य सदस्य राजनीति में पहले से ही सक्रिय हैं. साल 2024 के लोकसभा चुनाव में वह बारामती लोकसभा सीट से मैदान में उतरी. तब पवार की पार्टी एनसीपी टूट चुकी थी और अजित की अगुवाई वाला धड़ा असली एनसीपी घोषित किया गया और वह एनडीए के साथ चला गया।

शरद पवार के दबदबे वाली बारामती सीट पर जीत हासिल करने के अजित ने अपनी पत्नी सुनेत्रा को मैदान में उतारा जबकि उनके सामने सुप्रिया सुले एनसीपी (शरद पवार) के टिकट से मैदान में उतरीं. मुकाबला ननद-भौजाई के रूप में देखा गया. लेकिन भाभी सुनेत्रा को NCP (SP) गुट की सुप्रिया से हार का सामना करना पड़ा. हार के बावजूद वह अपने चुनावी अभियान के दौरान देशभर में पहचान बनाने में कामयाब रहीं।

अन्य पढ़े: Tamil Nadu- वन्यजीव संघर्ष का खतरा गहराया, तमिलनाडु में 10 वर्षों में 685 जानें गईं

चुनाव के तुरंत बाद, उन्हें प्रफुल्ल पटेल की जगह एनसीपी की ओर से राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुना गया. इस तरह से सुनेत्रा के केंद्रीय राजनीति में एंट्री हो गई. इसके बाद से वह राजनीति में लगातार सक्रिय हो गईं।

‘दादा’ के निधन के बाद सियासी संघर्ष

विमान हादसे में अजित पवार की अचानक मौत के बाद पार्टी के अंदर नए नेतृत्व और सरकार में पार्टी की भूमिका के अगले दौर को लेकर चर्चा तेज हो गई हैं. कहा जा रहा है कि पार्टी के कद्दावर नेताओं में शुमार प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, सुनील तटकरे और धनंजय मुंडे समेत कई बड़े नेताओं ने सुनेत्रा पवार से मुलाकात कर चर्चा की है।

यह भी कहा जा रहा है कि कई नेताओं ने पार्टी की कमान संभालने के लिए चिट्ठी भी लिखी है. साथ ही यह भी कयास लगाया जा रहा है कि पार्टी जल्द ही उन्हें अगले उपमुख्यमंत्री के रूप में नामित कर सकती है. यही नहीं निधन की वजह से खाली हुई बारामती सीट से भी वह उपचुनाव लड़ सकती हैं. हालांकि उनके पास राजनीतिक अनुभव की कमी जरूर है. अब देखना होगा कि अगले कुछ दिनों में एनसीपी को लेकर किस तरह के फैसले लिए जाते हैं।

अन्य पढ़े:

Bihar- नीतीश कैबिनेट की मुहर, बिहार में आएंगी ग्लोबल कंपनियां, 50 करोड़ तक सब्सिडी

Bihar- नीतीश कैबिनेट की मुहर, बिहार में आएंगी ग्लोबल कंपनियां, 50 करोड़ तक सब्सिडी

GOA- नाबालिगों पर सोशल मीडिया बैन की ओर गोवा, ऑस्ट्रेलिया जैसा कानून संभव

GOA- नाबालिगों पर सोशल मीडिया बैन की ओर गोवा, ऑस्ट्रेलिया जैसा कानून संभव

ऐतिहासिक किलों पर शादी और फिल्म शूटिंग को मिलेगा बढ़ावा

ऐतिहासिक किलों पर शादी और फिल्म शूटिंग को मिलेगा बढ़ावा

Tamil Nadu- वन्यजीव संघर्ष का खतरा गहराया, तमिलनाडु में 10 वर्षों में 685 जानें गईं

Tamil Nadu- वन्यजीव संघर्ष का खतरा गहराया, तमिलनाडु में 10 वर्षों में 685 जानें गईं

एक होर्डिंग से धमाका! ‘वाराणसी’ पर राजामौली दांव

एक होर्डिंग से धमाका! ‘वाराणसी’ पर राजामौली दांव

सोना 2 लाख के करीब! आम आदमी की पहुंच से दूर?

सोना 2 लाख के करीब! आम आदमी की पहुंच से दूर?

अयोध्या में राम भक्तों का अभिनंदन करेगा भरत द्वार

अयोध्या में राम भक्तों का अभिनंदन करेगा भरत द्वार

अजित पवार की जिंदगी में ‘6’ रहस्य, सिर्फ संयोग?

अजित पवार की जिंदगी में ‘6’ रहस्य, सिर्फ संयोग?

आवारा कुत्तों पर बड़ा फैसला? सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षित रखा

आवारा कुत्तों पर बड़ा फैसला? सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षित रखा

भारत में 95 करोड़ इंटरनेट यूजर्स! गांव बने गेमचेंजर?

भारत में 95 करोड़ इंटरनेट यूजर्स! गांव बने गेमचेंजर?

Bihar- आयकर विभाग का शिकंजा, तीन ठिकानों पर एक साथ रेड

Bihar- आयकर विभाग का शिकंजा, तीन ठिकानों पर एक साथ रेड

Bihar- महिला उद्यमियों के लिए बड़ी सौगात, बिहार में मिलेगी 2 लाख रुपये की सहायता

Bihar- महिला उद्यमियों के लिए बड़ी सौगात, बिहार में मिलेगी 2 लाख रुपये की सहायता

📢 For Advertisement Booking: 98481 12870