दिल्ली में रहने वाले साठ साल के तनवीर अहमद की नींद बुधवार सुबह एक ऐसे फोन कॉल (Phone Call) से खुली, जिसने उन्हें जिंदगी भर का दुख दे दिया। सामने से उन्हें एक ऐसी आवाज सुनाई दी, जिसे वे पहचान नहीं पाए और उसने उन्हें बताया कि उनके परिवार के छह सदस्यों (जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं) को लेकर जा रही कार पलटने से उसमें आग लग गई है और सभी लोग अब भी उसी कार में हैं। इसके बाद कुछ बहुत बुरा होने की आशंका से डरते हुए तनवीर ने बदायूं (Budaun) में अपने भाई को फोन करते हुए परिवार के अन्य सदस्यों के बारे में पूछा। तब जाकर उन्हें इस दुख भरी खबर की जानकारी मिली। इस बारे में ‘पीटीआई भाषा’ से बात करते हुए अहमद ने बताया, ‘यह मेरे जीवन का सबसे बुरा फोन कॉल था।’
परिवार के छह सदस्यों में से 5 जिंदा जल गए
दरअसल फोन पर जो कुछ बताया गया था, वह बिल्कुल सच था। यूपी में जहांगीराबाद-बुलंदशहर मार्ग पर चंडोक चौराहे के पास सुबह साढ़े पांच बजे उनके परिवार के छह सदस्यों को लेकर जा रही कार अचानक पलट गई थी और उसमें आग लग गई थी। इस हादसे में पांच लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। मृतकों में तनवीर अहमद का का बेटा तनवीज अहमद (26), उनकी बहू निदा (21), उनकी बेटी मोमिना (24), उनके दामाद जुबेर अली (30) और उनका दो साल का पोता जैनुल शामिल है। हालांकि तनवीर की 15 वर्षीय बेटी गुलनाज बच गई, लेकिन उसे गंभीर चोटें आईं। गुलनाज ने ही तनवीर का फोन नंबर उस व्यक्ति को दिया था जिसने सुबह उसे फोन करके दुर्घटना की जानकारी दी थी।
बदायू में शादी समारोह में शामिल होने गया था परिवार
तनवीर ने कहा, ‘मेरा परिवार उत्तर प्रदेश के बदायूं में एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद दिल्ली लौट रहा था। इसी बीच सुबह-सुबह यह हादसा हो गया। 15 साल की गुलनाज बच गई और उसे किसी ने बचाते हुए बाहर निकाल लिया।’ तनवीर ने बताया कि मैं भी उस शादी समारोह में शामिल होने गया था, लेकिन मंगलवार शाम को ही दिल्ली लौट आया था। जबकि तनवीज और जुबेर ने दिल्ली के ट्रैफिक से बचने के लिए बुधवार सुबह जल्दी निकलने का फैसला किया।
घातक साबित हुआ फैसला
बुजुर्ग ने आगे कहा, ‘यही फैसला उनके लिए घातक साबित हुआ। क्योंकि रास्ते में गाड़ी चलाते वक्त तनवीज या जुबेर को शायद नींद आ गई होगी और यह हादसा हो गया।’ दुखी पिता ने कहा कि परिवार के कई सदस्यों ने उन्हें सुबह इतनी जल्दी यात्रा न करने की सलाह दी थी। तनवीर ने पीटीआई से कहा, ‘मेरी पत्नी और भाई ने उन्हें सुबह होने तक इंतजार करने को कहा, लेकिन वे जल्दी में थे।’ उन्होंने बताया कि सुबह फोन आने के बाद उन्होंने तुरंत बदायूं में अपने भाई को फोन किया और उसे दुर्घटनास्थल पर पहुंचने को कहा।
मूल रूप से बदायूं का रहने वाला है परिवार
हौज रानी इलाके में फर्नीचर का कारोबार करने वाले तनवीर ने बताया कि उनका परिवार मूल रूप से बदायूं के चमनपुरा गांव का रहने वाला है, और वर्तमान में दक्षिणी दिल्ली में मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में रहता है। उन्होंने बताया कि उन्हें सुबह करीब छह बजे यह परेशान करने वाला फोन आया। परिवार के बारे में बताते हुए तनवीर ने कहा कि तनवीज एक एसी मैकेनिक था और जुबेर घर की रंगाई-पुताई का काम करता था। उन्होंने कहा, ‘फोन करने वाले ने मुझे मेरे बेटे की कार की स्थिति के बारे में बताया और तुरंत घटनास्थल पर पहुंचने को कहा। उस समय गुलनाज बोल नहीं पा रही थी, लेकिन किसी तरह उसने मेरा नंबर याद करके बता दिया था।’
हादसे की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि उनकी कार एक पुलिया से टकराकर पलट गई और उसमें आग लग गई। एक्सीडेंट की वजह का अंदाजा लगाते हुए पुलिस ने कहा कि सुबह-सुबह होने वाली अन्य कई दुर्घटनाओं की तरह ड्राइवर को झपकी आ गई होगी, जिससे यह दुर्घटना हो गई।
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