प्रधानमंत्री, विदेश मंत्रालय को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा
जौनपुर(उत्तर प्रदेश)। ईरान में अपने पुत्र के निधन के बाद उसका शव जौनपुर मंगाने के लिए एक लाचार, बेबस पिता कलेक्ट्रेट पहुंचा और प्रधानमंत्री, विदेश मंत्रालय को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी! हमारे बच्चे का शव ईरान से मंगवा दीजिए। यह कहते हुए वह फफक-फफककर रो पड़ा। बदलापुर तहसील क्षेत्र के पिलकिछा तिलवारी गांव के निवासी संदीप सिंह अपने पुत्र शिवेंद्र प्रताप का शव ईरान से भारत लाने की गुहार लगा रहे हैं।
पहले भी कर चुके हैं शव को ईरान से भारत लाने का अनुरोध
प्रधानमंत्री, विदेश मंत्रालय को जरिए डीएम सौंपे गए पत्र के माध्यम से उन्होंने बताया कि एजीसीआर जौनपुर के तहत स्टेट सेक्शन विदेश मंत्रालय को संज्ञान में देते हुए शव को अतिशीघ्र ईरान से भारत लाने को अनुरोध हम पहले भी कर चुके हैं लेकिन अभी तक हमारे बेटे शिवेन्द्र प्रताप का शव भारत नहीं लाया गया। पुत्र शिवेन्द्र प्रताप की मृत्यु 27 मार्च 2025 को किस आई लैण्ड पोर्ट पर बन्दर ए चरक में लैण्डिक क्राफ्ट एमवी रासा पर हुई।
व्यथित एवं दुखी हैं सम्पूर्ण सम्बन्धित परिजन
संज्ञान में लाने के बाद 2 अप्रैल 2025 को सम्बन्धित विभाग यानि विदेश मंत्रालय के संज्ञान में दिया गया। वर्तमान समय में हुई कार्रवाई की कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। मृतक शिवेन्द्र प्रताप सिंह के पिता, सम्पूर्ण परिवार दुर्घटना से भावनात्मक रूप में जुड़े हैं। वर्तमान समय तक सम्पूर्ण सम्बन्धित परिजन व्यथित एवं दुखी हैं। सम्पूर्ण परिवार की भावनात्मक पीड़ा को महसूस करते हुए शिवेन्द्र प्रताप सिंह के शव को जल्द से जल्द भारत लाने के लिए वैधानिक कार्रवाई करें।
बेटे का अंतिम संस्कार करने के लिए तरस रहा परिवार
27 मार्च को बेटे के निधन की जानकारी जब परिजनों को हुई तो परिवार में कोहराम मच गया। इसके बाद परिजन वहां से भारत में शव लाने के प्रयास में लग गए। धीरे धीरे 24 से 25 दिन बीत गया लेकिन युवक का शव भारत नहीं आ सका। परिजन लगातार अपनी ओर से हरसंभव प्रयास कर रहे हैं लेकिन ऐसा लग रहा है कि उनके पत्रों का कोई असर ही नहीं हो रहा है। परिवार अंदर से एकदम टूट चुका है। अब अपने बेटे का अंतिम संस्कार करने के लिए तरस रहा है। बेटे का आखिरी बार चेहरा देखना चाहता है। फिलहाल अब देखना होगा कि परिवार की अर्जी विदेश मंत्रालय तक पहुंचती है या नहीं।