उत्तराखंड (Uttarakhand) के उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में प्रकृति ने अपना रौद्र रूप दिखाया है। मंगलवार को खीर गंगा नदी में बादल फटने से अचानक आई बाढ़ ने पूरे इलाके में तबाही मचा दी। चारों तरफ मलबे का ढेर, बिखरे सपने और जिंदगी को तलाशता बचाव दल। इस प्राकृतिक आपदा ने धराली बाजार को मलबे में तब्दील कर दिया, जहां 20-25 होटल, होमस्टे और कई घर बह गए।
प्रशासन के मुताबिक, अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 50 से 60 लोग लापता बताए जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि 30-35 सेकंड में सैलाब ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया। सेना, NDRF, SDRF और ITBP की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। अब तक 130 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, लेकिन मलबे में फंसी जिंदगियों को बचाने की चुनौती बरकरार है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने हर संभव मदद का भरोसा दिया है। प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। धराली, जो गंगोत्री धाम का अहम पड़ाव है, आज मलबे के बीच सिसक रहा है। सवाल यह है कि क्या ऐसी आपदाओं से बचाव के लिए हम तैयार हैं? जुड़े रहिए हमारे साथ, अगले अपडेट के लिए।
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