UP Police : तकनीक, संवेदनशीलता और प्रोफेशनल दक्षता से लैस रहे यूपी पुलिस – मुख्यमंत्री

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यूपी पुलिस
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UP Police : लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को यूपी पुलिस (UP Police) प्रशिक्षण व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए कहा कि बदलते समय में पुलिसिंग केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गई है। आधुनिक तकनीक, संवेदनशील व्यवहार, संवाद कौशल, साइबर अपराधों की समझ और फॉरेंसिक दक्षता प्रभावी पुलिसिंग की बुनियादी आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस प्रशिक्षण (Police Training) व्यवस्था को पूरी तरह परिणामोन्मुख, व्यवहारिक, तकनीक आधारित और समयानुकूल बनाया जाए, ताकि यूपी पुलिस (UP Police) दक्षता, अनुशासन, संवेदनशीलता और जनविश्वास के मानकों पर देश की सर्वश्रेष्ठ पुलिस बल के रूप में स्थापित हो सके।

पुलिस प्रशिक्षण व्यवस्था को आधुनिक और परिणामोन्मुख बनाया जाए

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण व्यवस्था में गुणवत्ता, एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। प्रशिक्षण संस्थानों में आधुनिक तकनीकों का अधिकतम उपयोग हो तथा प्रशिक्षण का नियमित मूल्यांकन किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को केवल कानून लागू करने तक सीमित न रखते हुए उन्हें संवाद कौशल, मानवीय व्यवहार और तनावपूर्ण परिस्थितियों में संतुलित निर्णय लेने के लिए भी प्रशिक्षित किया जाना चाहिए।

प्रशिक्षण क्षमता को 18 हजार से बढ़ाकर 60,244 तक किया गया

पुलिस प्रशिक्षण निदेशालय के अंतर्गत पुलिस अकादमी मुरादाबाद, 11 प्रशिक्षण संस्थान, 6 पुलिस ट्रेनिंग स्कूल, 2 आर्म्ड पुलिस ट्रेनिंग संस्थान तथा 62 अस्थायी एवं 31 स्थायी रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर संचालित हैं। 112 RTC पर एक साथ प्रशिक्षण प्रारंभ कर अंतिम परीक्षाओं को शुचितापूर्ण एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया गया तथा एक साथ परीक्षा परिणाम घोषित किए गए। प्रशिक्षण क्षमता को 18 हजार से बढ़ाकर 60,244 तक किया गया है। प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों का उच्चीकरण किया गया है तथा बाह्य विषयों में आवधिक मानक निर्धारित कर गुणवत्ता सुनिश्चित की गई है। यूपी पुलिस ट्रेनिंग पोर्टल के माध्यम से प्रशिक्षण सामग्री प्रशिक्षकों एवं प्रशिक्षुओं को उपलब्ध कराई जा रही है और 5,000 विशेषज्ञ प्रशिक्षक तैयार किए गए हैं।

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149 इकाइयों का iGOT पोर्टल पर सृजन कराया गया

बैठक में बताया गया कि मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत iGOT पोर्टल पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। 27 मई 2026 तक 3,90,799 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं तथा 59,02,703 कोर्स पूर्ण किए जा चुके हैं। 20 मार्च 2026 को उत्तर प्रदेश पुलिस की 149 इकाइयों का iGOT पोर्टल पर सृजन कराया गया, जिससे जनपद, वाहिनी और इकाई स्तर पर प्रशिक्षण का प्रभावी पर्यवेक्षण संभव हुआ है।

पुलिस बलों में प्राप्त किया प्रथम स्थान

2 अप्रैल से 10 अप्रैल 2026 तक आयोजित साधना सप्ताह में उत्तर प्रदेश पुलिस ने देश की समस्त राज्य पुलिस एवं केंद्रीय पुलिस बलों में प्रथम स्थान प्राप्त किया। उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग ने अकेले 28 लाख से अधिक कोर्स पूर्ण किए, जो कई राज्यों के समस्त विभागों के संयुक्त प्रदर्शन से भी अधिक रहा। इस अवधि में 2,61,032 कर्मियों ने 2 घंटे से अधिक तथा 2,16,724 कर्मियों ने 4 घंटे से अधिक का लर्निंग समय पूरा किया। 2,45,645 कर्मियों ने AI कोर्स भी पूर्ण किए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रोल आधारित ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रमों को तेजी से विकसित किया जाए।

34 पुलिस उपाधीक्षकों को प्रदान की गई डिग्री

राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के साथ हुए एमओयू के तहत नवंबर 2025 में प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले 34 पुलिस उपाधीक्षकों को ‘एमए इन पुलिस साइंस एंड स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट’ की डिग्री प्रदान की गई। वहीं मई 2026 में पुलिस अकादमी मुरादाबाद में प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले 47 उपनिरीक्षकों को ‘पीजी डिप्लोमा इन पुलिस एंड सिक्योरिटी मैनेजमेंट’ प्रदान किया गया। बैठक में आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया गया कि 4,253 उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस, 15,131 आरक्षी पीएसी/सशस्त्र पुलिस, 2,282 महिला पीएसी आरक्षी, 10,469 आरक्षी नागरिक पुलिस तथा 1,341 यूपीएसएसएफ आरक्षियों सहित बड़ी संख्या में कार्मिकों का आधारभूत प्रशिक्षण प्रस्तावित है।

प्रशिक्षण के लिए विस्तृत तैयारियां की जा रही

इसके साथ ही 4,500 उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस एवं प्लाटून कमांडरों के प्रस्तावित प्रशिक्षण के लिए विस्तृत तैयारियां की जा रही हैं। प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में संशोधित कर 11 संवेदनशीलता मॉड्यूल जोड़े गए हैं। ATS, STF, NDRF, SDRF, RAF, यूपी-112, विमेन पावरलाइन, चाइल्डलाइन, BDS और फायर सर्विसेज जैसी विशेषज्ञ एजेंसियों द्वारा ऑपरेशनल मॉक ड्रिल और कैप्सूल कोर्स संचालित किए जाएंगे। बैठक में बताया गया कि प्रशिक्षण में अत्याधुनिक तकनीकों का समावेश किया जा रहा है। इसके तहत ड्रोन प्रशिक्षण, साइबर फॉरेंसिक लैब, फॉरेंसिक लैब, ड्राइविंग सिम्युलेटर और फायरिंग सिम्युलेटर जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं। स्मार्ट क्लासरूम के माध्यम से अतिथि विशेषज्ञों द्वारा ऑनलाइन प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा।

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पुलिसकर्मियों का व्यवहार ही पुलिस की वास्तविक पहचान बनाता है

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों का व्यवहार ही पुलिस की वास्तविक पहचान बनाता है। बैठक में बताया गया कि जनता से दुर्व्यवहार की शिकायत वाले 5,816 पुलिसकर्मियों को चिन्हित कर उनके लिए संवाद कौशल एवं सौम्य व्यवहार का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS), मुंबई द्वारा 3 से 5 फरवरी 2026 तक 37 पुलिसकर्मियों को Behaviour, Operational Soft Skills एवं Caselets का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के प्रभाव का आकलन करने के लिए इम्पैक्ट असेसमेंट व्यवस्था लागू की गई है, जिसमें महिला सम्मान, संवाद क्षमता, आत्मनियंत्रण, तनाव प्रबंधन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और संवेदनशील व्यवहार जैसे 18 प्रमुख बिंदुओं पर मूल्यांकन किया जा रहा है।

आंतरिक सुरक्षा सहयोग की दृष्टि से महत्वपूर्ण

बैठक में बताया गया कि पहली बार उत्तर प्रदेश पुलिस अकादमी मुरादाबाद में मालदीव पुलिस सेवा के उपनिरीक्षकों को प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव भारत सरकार के स्तर पर विचाराधीन है। विदेश मंत्रालय द्वारा वित्तपोषित इस प्रस्ताव को गृह मंत्रालय के माध्यम से विचारार्थ भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने इसे भारत और पड़ोसी देशों के बीच आंतरिक सुरक्षा सहयोग की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण प्रणाली में निरंतर नवाचार, जवाबदेही और आधुनिकता सुनिश्चित की जाए, ताकि उत्तर प्रदेश पुलिस हर चुनौती का सामना अधिक दक्षता, संवेदनशीलता और प्रोफेशनल क्षमता के साथ कर सके।

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Ajay Kumar Shukla

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Ajay Kumar Shukla

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