Ghaziabad : तीन सगी बहनों की मौत, इलाके में शोक और हैरानी

Read Time:  1 min
गाजियाबाद
गाजियाबाद
FONT SIZE
GET APP

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में सामने आए ट्रिपल सुसाइड केस ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। तीन सगी बहनों की एक साथ मौत की खबर से स्थानीय लोग और प्रशासन स्तब्ध हैं।

खुद को कोरियन मानती थीं बहनें

भारतीय पहचान से बना ली थी दूरी- जांच के दौरान सामने आया है कि (three sisters) तीनों बहनें खुद को कोरियन संस्कृति से जुड़ा हुआ मानती थीं। वे अपनी पहचान, रहन-सहन और सोच को कोरियन लाइफस्टाइल के अनुरूप ढाल चुकी थीं।

गाजियाबाद में 3 बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर सुसाइड (Suicide) कर लिया। पहले सामने आया कि उन्होंने कोरियन गेम खेलने के दौरान टास्क पूरा करते हुए मौत को गले लगाया। मगर 10 घंटे की छानबीन के बाद पता चला कि पिता चेतन ने बच्चों को डांटा था। मोबाइल भी छीन लिया था। इसके बाद उन्होंने 3 फरवरी की रात 2 बजे बालकनी से कूदकर सुसाइड कर लिया।

निशिका 16 साल, प्राची 14 साल जबकि पाखी 12 साल की थी। कमरे से मिली डायरी, परिवार ने बेटियों की जिंदगी के बारे में बताया, उससे सामने आया कि बच्चियां खुद को भारतीय नहीं, कोरियन मान रही थीं। उन्हें लड़के भी कोरियन पसंद आते थे। वे अपना नाम बदल चुकी थीं।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में यूट्यूब चैनल बनाकर उस पर कोरियन कंटेंट जनरेट करती थीं। यूट्यूब की मदद से कोरियाई भाषा भी सीख ली थी। घर में बातचीत भी कोरियाई भाषा में करतीं थी। कैसे ये बच्चियां खुद को कोरियन समझने लगीं,

कोविड में स्कूल छूटा, फिर बच्चियां कोरियन मूवी देखने लगीं

शुरुआत छानबीन में जो फैक्ट सामने आए, वे बेहद चौंकाने वाले थे। 6 साल में बच्चियां कोरियन कल्चर में ढल चुकी थीं। कोविड काल (2020) में बहनों के स्कूल छूटे, तो मोबाइल पर कोरियन मूवी और फिर वेब-सीरीज देखने लगीं। निशिका कोरियन कल्चर में सबसे पहले ढली, बाद में प्राची और पाखी भी अपनी बड़ी बहन को फॉलो करने लगीं।

परिवार के लोगों ने पुलिस को बताया- कोविड के दौरान तीनों लड़कियां कई-कई घंटे कोरियन म्यूजिक सुनती थीं। साथ ही, फिल्में, वेब सीरीज और वीडियो देखती रहती थीं। उन पर कोरियन कल्चर का इतना असर हुआ कि वो खुद को भारतीय की जगह कोरियन मानने लगी थीं।

कोरियन लोगों की तरह पहनावा, खाना, बात करने का तरीका अपनाने लगीं। वीडियो और इंटरनेट की मदद से कोरियन भाषा सीखने लगीं। आपस में कोरियन भाषा में बात भी करती थीं। स्थिति यह हो गई कि पिता को भारतीय और खुद को कोरियन बताने लगीं।

तीनों ने मिलकर यूट्यूब चैनल बनाया, कोरियर कंटेंट बनाती थीं

निशिका 2022 में धीरे-धीरे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर कोरियर रील्स देखने लगी। उसका कोरियन रील की ओर रुझान बढ़ता गया। तीनों ने मिलकर एक यूट्यूब चैनल बनाया। उस पर कोरियन कल्चर आधारित कंटेंट अपलोड करती थीं।

यही वजह रही कि पिता ने उनसे मोबाइल फोन छीन लिए थे। इस चैनल को तीनों बहनों ने एक महीने पहले खुद ही डिलीट भी कर दिया था। निशिका क्लास चार, प्राची क्लास तीन और पाखी दूसरी कक्षा तक पढ़ी थी।

पढ़ाई-लिखाई में रुचि कम होने से तीनों बहनें फेल होने लगीं तो स्कूल जाना बंद कर दिया। आर्थिक तंगी के चलते पिता चेतन ने भी पढ़ाई पर ज्यादा जोर नहीं दिया, क्योंकि उन्हें लग रहा था कि एक खर्च कम हो रहा, वे प्लान कर रहे थे कि जब आर्थिक स्थिति सुधरेगी, तब दोबारा एडमिशन करवा देंगे।

छोटी बहन से बातचीत की बंद

निशिका, प्राची और पाखी ने चार साल की छोटी बहन को भी साथ रखना शुरू कर दिया था। उसे भी कोरियन वीडियो दिखाना और भाषा सिखाने की कोशिश की। पिता ने यह देखा तो तीनों बहनों को डांटकर छोटी बेटी को इन सब से दूर रखने को कहा।

अन्य पढ़े: National- भारत-अमेरिका ट्रेड डील से चीन की मोनोपॉली को झटका

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में सूत्रों के अनुसार, उस दिन से तीनों ने छोटी बहन से दूरी बना ली। उससे बातचीत बंद कर दी। 3 फरवरी की रात तीनों बेटियां चेतन की पहली पत्नी के साथ कमरे में सो रही थीं। रात करीब डेढ़ बजे तीनों ने मां के गालों को चूमकर आई लव यू कहा और कमरे से निकल गईं।

इसके बाद वह पूजा वाले कमरे में गईं। बालकनी पर 2 स्टेप वाले स्टूल लगाए। फिर एक-एक करके छलांग लगा दी। इससे पहले उन्होंने कमरे का लॉक लगा दिया। जिसे घटना के बाद परिवार ने तोड़ दिया।

अन्य पढ़े:

Surekha Bhosle

लेखक परिचय

Surekha Bhosle

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।