दुर्घटना में 70 लोग घायल
उत्तराखंड के चमोली में देर रात बड़ा हादसा हो गया। यहां विष्णुगाड पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की पीपलकोटी सुरंग में मजदूरों और अधिकारियों को लेकर जा रही एक लोको ट्रेन, एक दूसरी सामान ढोने वाली ट्रेन से टकरा गईं। हादसे में 70 लोग घायल हुए हैं।
उत्तराखंड के चमोली जिले (Chamoli district) में एक बड़ा हादसा हो गया है। जिले के पीपलकोटी में टिहरी हाइड्रो डेवलेपमेंट कॉर्पोरेशन की टनल के अंदर मजदूरों को लाने वाली 2 लोको ट्रेन आपस में टकरा गई हैं। इस हादसे में 70 मजदूर घायल हो गए हैं। ये हादसा मंगलवार रात लगभग 10 बजे उस वक्त हुआ जब मजदूरों की शिफ्ट चेंज हो रही थी। दोनों ट्रेनों में करीब 108 मजदूर सवार थे।
बता दें कि उत्तराखंड के चमोली में हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट (power project) के निर्माण के दौरान, टनल बनाने के काम में, लोकल ट्रॉली ट्रांसपोर्टेशन व्यवस्था की वजह से यह घटना हुई है। इस घटना का इंडियन रेलवे से कोई लेना-देना नहीं है। ये इंडियन रेलवे की ट्रेनें नहीं हैं, यह टनल प्रोजेक्ट टीम द्वारा ट्रांसपोर्टेशन के लिए किया गया एक लोकल इंतजाम है।
कैसे हुआ हादसा?
शुरुआती जांच में पता चला है कि किसी तकनीकी गड़बड़ी की वजह से एक ट्रेन ने पीछे से दूसरी ट्रेन को टक्कर मार दी। अंधेरे हिस्से में हुई इस टक्कर से अंदर मौजूद मजदूर संभल नहीं पाए और कई लोग ट्रेन के भीतर ही गिर पड़े। टक्कर लगते ही सुरंग के भीतर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मजदूरों को समझ में नहीं आया कि बाहर कैसे निकलें।
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47 मजदूरों का गोपेश्वर जिला अस्पताल में इलाज
सूचना मिलते ही प्रोजेक्ट मैनेजमेंट के लोग और स्थानीय प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को एंबुलेंस और दूसरी गाड़ियों से गोपेश्वर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जिला अस्पताल में तैनात डॉक्टरों का कहना है कि अधिकांश मजदूरों को हल्की चोटें आई हैं जबकि कुछ को गंभीर चोटों के चलते विशेष निगरानी में रखा गया है। 42 घायल मजदूरों का इलाज जिला अस्पताल गोपेश्वर में चल रहा है जबकि 17 मजदूरों को पीपलकोटी के अस्पताल में भर्ती किया गया है।
झारखंड, ओडिशा के रहने वाले हैं ज्यादातर मजदूर
हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी गौरव कुमार एवं पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचे और वहां भर्ती घायलों का हालचाल जाना तथा डॉक्टरों को बेहतर उपचार के निर्देश दिए। ज्यादातर मजदूर झारखंड और ओडिशा के रहने वाले हैं। घायल मजदूरों के परिजनों को भी सूचना दी जा रही है।
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