Nitin Gadkari : गडकरी के नेतृत्व में NHAI ने नए इतिहास बनाए

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आंध्र प्रदेश में NHAI ने रचे 4 वर्ल्ड रिकॉर्ड

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के विजन और रोड मैप ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। आंध्र प्रदेश में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बेंगलुरु-कडप्पा-विजयवाड़ा आर्थिक गलियारे पर सड़क निर्माण में दो बार गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर इतिहास रचा है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने यह उपलब्धि साझा की. यह रिकॉर्ड तेज गति और उच्च गुणवत्ता वाले बिटुमिनस कंक्रीट बिछाने के लिए बने. परियोजना से बेंगलुरु-विजयवाड़ा की यात्रा दूरी 100 किमी और समय 4 घंटे कम होगा.

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से बनाए जा रहे बेंगलुरु कडप्पा विजयवाड़ा आर्थिक गलियारे ने निर्माण क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है. राष्ट्रीय राजमार्ग-(544G) पर चल रहे इस प्रोजेक्ट ने काम की रफ्तार और गुणवत्ता के मामले में ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में मान्यता दी है. इन रिकॉर्ड्स की जानकारी खुद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शेयर की

6 जनवरी को आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी के पास इस प्रोजेक्ट के तहत दो बड़े गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए गए. पहला रिकॉर्ड 24 घंटे के अंदर सबसे लंबी दूरी तक बिटुमिनस कंक्रीट बिछाने का रहा, जिसमें तीन लेन चौड़े करीब 9.63 किलोमीटर लंबे हिस्से को लगातार पक्का किया गया. दूसरा रिकॉर्ड एक ही दिन में 10,655 मीट्रिक टन बिटुमिनस कंक्रीट बिछाने का था. यह दोनों छह लेन वाले नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट के तहत पहली बार विश्व स्तर पर दर्ज की गईं उपलब्धियां हैं।

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राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शेयर की जानकारी

राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “हाईवे इंजीनियरिंग में नए ग्लोबल बेंचमार्क सेट करते हुए, NHAI ने लगातार बिटुमिनस कंक्रीट पेविंग में दो और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड हासिल करके इतिहास रच दिया है. रिकॉर्ड 156 लेन-किमी की पेविंग और 57,500 मीट्रिक टन बिटुमिनस कंक्रीट लगातार बिछाया गया, जिसने पिछले वर्ल्ड रिकॉर्ड 84.4 लेन-किमी को पीछे छोड़ दिया. पुट्टपर्थी के पास 6-लेन बेंगलुरु-कडप्पा-विजयवाड़ा इकोनॉमिक कॉरिडोर के पैकेज-2 और पैकेज-3 में हासिल किया गया. यह मील का पत्थर एडवांस्ड मशीनरी, मजबूत लॉजिस्टिक्स और सख्त क्वालिटी कंट्रोल के साथ-साथ IIT बॉम्बे जैसे प्रमुख संस्थानों के सपोर्ट से संभव हुआ।”

उन्होंने आगे लिखा, “इससे पहले, 6 जनवरी 2026 को, NHAI ने उसी कॉरिडोर पर 24 घंटे के अंदर 28.8 लेन-किमी और 10,655 मीट्रिक टन बिटुमिनस कंक्रीट बिछाकर दो ग्लोबल रिकॉर्ड पहले ही बना लिए थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में, ये उपलब्धियां विश्व स्तरीय हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़े पैमाने पर प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन में भारत के बढ़ते नेतृत्व को दिखाती हैं.“

रविवार को बनाए दो वर्ल्ड रिकॉर्ड

इसी के चलते 11 जनवरी को भी फिर से दो वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए गए. रविवार को निर्माण कार्य ने और भी तेज रफ्तार पकड़ी और दो नए वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम कर दिए. इनमें 57,500 मीट्रिक टन बिटुमिनस कंक्रीट को लगातार बिछाने का रिकॉर्ड और तीन लेन चौड़े 52 किलोमीटर लंबे हिस्से, यानी कुल 156 लेन किलोमीटर तक लगातार पक्कीकरण का रिकॉर्ड शामिल है. इसने पहले के 84.4 लेन किलोमीटर के रिकॉर्ड को काफी पीछे छोड़ दिया. ये रिकॉर्ड इस आर्थिक गलियारे के पैकेज-2 और पैकेज-3 में बनाए गए।

NHAI ने यह ऐतिहासिक सफलता मेसर्स राजपथ इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से हासिल की. काम में अल्ट्रा मॉर्डन मशीनों और तकनीक का इस्तेमाल किया गया. निर्माण के दौरान 70 टिपर, 5 हॉट मिक्स प्लांट, एक पेवर मशीन और 17 रोलर लगाए गए. इसके साथ ही गुणवत्ता और सुरक्षा से किसी तरह का समझौता न हो, इसके लिए आईआईटी बॉम्बे जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों और ओरिजिनल इक्विपमेंट मैनेफैक्चर्स ने इसकी गुणवत्ता की निगरानी की।

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17 इंटरचेंज और लंबी सुरंग शामिल

यह छह लेन का करीब 343 किलोमीटर लंबा बेंगलुरु-कडप्पा-विजयवाड़ा आर्थिक गलियारा यात्रियों को सुरक्षित, तेज और आसान सफर देने के मकसद से तैयार किया जा रहा है. इसमें 17 इंटरचेंज, 10 रोड-साइड सुविधाएं और 5.3 किलोमीटर लंबी सुरंग शामिल हैं. इसके अलावा लगभग 21 किलोमीटर का हिस्सा वन क्षेत्र से होकर गुजरता है. परियोजना के पूरा होने के बाद बेंगलुरु-कडप्पा-विजयवाड़ा गलियारे के आर्थिक और लॉजिस्टिक फायदे सामने आएंगे।

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बेंगलुरु से विजयवाड़ा के बीच की 635 किलोमीटर की दूरी इसके बाद घटकर करीब 535 किलोमीटर रह जाएगी, यानी लगभग 100 किलोमीटर की कम हो जाएगी. वहीं, यात्रा का समय भी करीब 12 घंटे से कम होकर लगभग 8 घंटे रह जाएगा, यानी यात्रियों के करीब 4 घंटे बचेंगे. यह गलियारा बेंगलुरु को विजयवाड़ा से सीधे जोड़ते हुए क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ाएगा. रायलसीमा क्षेत्र और आंध्र प्रदेश के तटीय और उत्तरी इलाकों के साथ-साथ कोपार्थी औद्योगिक क्षेत्र के बीच कनेक्टिविटी को मजहबूत करेगा।

NHAI का परिचय क्या है?

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) का गठन 1988 में संसद के एक अधिनियम द्वारा सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत किया गया था। एनएचएआई को भारत सरकार द्वारा सौंपे गए राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास, रखरखाव और प्रबंधन के लिए एक केंद्रीय प्राधिकरण के रूप में स्थापित किया गया है।

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Surekha Bhosle

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