लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने लोहड़ी के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। सीएम ने इस अवसर पर समाज में आपसी सौहार्द, भाईचारे और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने का संदेश दिया।
सीएम योगी का संदेश: खुशियों और भाईचारे का पर्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोहड़ी (Lohri) का पर्व परिश्रम, ऊर्जा और समृद्धि का प्रतीक है। उन्होंने कामना की कि यह पर्व सभी के जीवन में खुशियां और नई उमंग लेकर आए। साथ ही सीएम (CM) ने समाज में आपसी सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करने की अपील की।
सांस्कृतिक विरासत और एकता का संदेश
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि ऐसे पारंपरिक पर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ समाज को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य करते हैं। उन्होंने सभी से पर्व को हर्षोल्लास, शांति और सद्भाव के साथ मनाने का आग्रह किया।
लोहड़ी: प्रकृति, अग्नि और नए संकल्प का पर्व
गौरतलब है कि लोहड़ी मूल रूप से सूर्य, अग्नि और प्रकृति की आराधना का पर्व है। लोग अग्नि को साक्षी मानकर पुरानी नकारात्मकताओं को त्यागते हैं और नई शुरुआत का संकल्प लेते हैं।
सामूहिकता और साझा खुशियों का प्रतीक
लोहड़ी जाति, वर्ग और उम्र की दीवारें गिराकर सामूहिकता का संदेश देती है। नवविवाहित जोड़े और नवजात शिशु वाले परिवारों के लिए यह पर्व विशेष महत्व रखता है। रेवड़ी, मूंगफली, गजक और पॉपकॉर्न केवल प्रसाद नहीं, बल्कि साझा खुशियों के प्रतीक हैं।
योगी आदित्यनाथ जी का जीवन परिचय क्या है?
योगी आदित्यनाथ का जन्म अजय मोहन सिंह बिष्ट के रूप में 5 जून 1972 को उत्तर प्रदेश (अब उत्तराखंड में) के पौड़ी गढ़वाल के पंचूर गाँव में एक गढ़वाली राजपूत परिवार में हुआ था। उनके दिवंगत पिता, आनंद सिंह बिष्ट, एक वन रेंजर थे। वह चार भाइयों और तीन बहनों के बीच परिवार में दूसरे नंबर पर पैदा हुए थे।
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