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UP: जातिगत विभाजन करने वालों पर सीएम योगी ने साधा निशाना, फिर बोले – ‘एक रहोगे तो नेक रहोगे’

Ajay Kumar Shukla
Ajay Kumar Shukla
UP: जातिगत विभाजन करने वालों पर सीएम योगी ने साधा निशाना, फिर बोले – ‘एक रहोगे तो नेक रहोगे’

भामाशाह का त्याग ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना का प्रतीक : मुख्यमंत्री


लखनऊ। दानवीर भामाशाह (Bhamashah) जयंती और व्यापारी कल्याण दिवस की पूर्व संध्या पर शनिवार को लोकभवन (Lok Bhavan) में आयोजित एक भव्य समारोह में Chief Minister Yogi Adityanath ने जातिगत विभाजन करने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘एक रहोगे तो नेक रहोगे’। उन्होंने जातिगत विभाजन पैदा करने वालों को जमकर निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि जाति के नाम पर समाज को बांटने वाले वही लोग हैं, जिन्होंने सत्ता में रहते हुए माफिया के सामने नाक रगड़ी और सत्ता को गिरवी रख दिया था।

सीएम योगी का जातिगत विभाजन से मुक्त रखने का आह्वान

उन्होंने कहा कि जाति के नाम पर वोट बैंक की राजनीति करने वाले आज भी घूम-घूमकर समाज को बांट रहे हैं। पहले नौकरी के नाम पर वसूली करते थे, अब जाति के नाम पर बांटने का काम कर रहे हैं। इसीलिए मैं कहता हूं कि ‘बंटोगे तो कटोगे, एक रहोगे तो नेक रहोगे।’ समारोह में मुख्यमंत्री ने दानवीर भामाशाह के आदर्शों को अपनाने और समाज को जातिगत विभाजन से मुक्त रखने का आह्वान किया। उन्होंने व्यापारियों को राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण अंग बताते हुए उनकी सुरक्षा, सम्मान और कल्याण के लिए डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

दानवीर भामाशाह का योगदान समाज के लिए प्रेरणा

मुख्यमंत्री ने दानवीर भामाशाह के जीवन और उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि भामाशाह का जन्म 29 जून 1547 को राजस्थान में हुआ था। उनकी व्यापारिक कुशलता और मेवाड़ राजवंश के प्रति निष्ठा के कारण उन्हें महामंत्री बनाया गया। हल्दीघाटी के युद्ध में जब महाराणा प्रताप को संसाधनों की कमी का सामना करना पड़ा, तब भामाशाह ने अपनी पूरी संपत्ति महाराणा को समर्पित कर दी। इस सहयोग से महाराणा प्रताप ने अकबर की सेना से मेवाड़ व चित्तौड़गढ़ के किलों को वापस लिया। सीएम योगी ने कहा, कि भामाशाह का यह त्याग ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना का प्रतीक है।

व्यापारियों की सुरक्षा और सम्मान सरकार का संकल्प

मुख्यमंत्री ने व्यापारियों की सुरक्षा और सम्मान को सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि 2016 में लखनऊ में एक व्यापारी की निर्मम हत्या हुई थी, सुल्तानपुर में सराफा व्यवसाई को गोली मारी गई थी। उस समय की सरकार लुटेरों और बदमाशों को संरक्षण दे रही थी। हमारी सरकार ने व्यापारी और बेटी की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा। हमने कहा कि इनकी सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों का टिकट यमराज काटेंगे। जब बदमाशों का हिसाब हुआ, तब जाति के नाम पर बांटने वाले घड़ियाली आंसू बहाने लगे

हर वर्ष प्रत्येक जनपद में आयोजित होगा व्यापारी कल्याण दिवस

मुख्यमंत्री ने जीएसटी विभाग को निर्देश दिया कि प्रत्येक वर्ष प्रदेश के शीर्ष 10 जीएसटी देने वाले व्यापारियों को लखनऊ में और प्रत्येक जनपद के शीर्ष 10 व्यापारियों को स्थानीय स्तर पर सम्मानित किया जाए। साथ ही, उन्होंने कहा कि दुर्घटना का शिकार होने वाले जीएसटी देने वाले व्यापारियों को सरकार की ओर से 10 लाख रुपये की सहायता इस दिन प्रदान की जाए। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, विधायक डॉ नीरज बोरा, राजेश्वर सिंह, व्यापारी कल्याण बोर्ड यूपी के पूर्व अध्यक्ष रविकांत गर्ग, संदीप बंसल, संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में व्यापारीगण मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने इन व्यापारियों का किया सम्मान

वित्तीय वर्ष 2024-25 में सर्वाधिक कर देने वाले एवं समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यापारियों में रचना गर्ग, हेमंत शर्मा, मोहम्मद जावेद सिद्दिकी, अमित निगम, अशोक कुमार गुप्ता, नितेश अग्रवाल, प्रतीश कुमार, राजेश कुमार अग्रहरि, डॉ मिथिलेश अग्रवाल, अरविंद चतुर्वेदी, अमित गुप्ता, पुष्पदंत जैन, दिनेश गोयल, साहिल गर्ग को मुख्यंमंत्री ने सम्मानित किया।

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