नई दिल्ली। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (Manrega) के स्थान पर लाए गए ‘विकसित भारत–जी राम जी (Bharat Ji Ram ji) विधेयक, 2025’ के संसद से पारित होने के बाद राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है। गुरुवार देर रात राज्यसभा से भी विधेयक को मंजूरी मिल गई।
विपक्ष ने संसद परिसर में धरना दिया
इसके विरोध में विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद परिसर में बृहस्पतिवार रात से शुक्रवार सुबह तक करीब 12 घंटे तक धरना दिया और संकेत दिया कि अब वे संसद के बाहर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
विधेयक की मंजूरी और विवाद
विकसित भारत गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी राम जी विधेयक को पहले लोकसभा और फिर आधी रात के बाद राज्यसभा से पारित किया गया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ने बिना पर्याप्त चर्चा और विचार-विमर्श के जल्दबाजी में इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित कराया।
विधेयक को लेकर विपक्ष की आपत्ति
विपक्षी दल का कहना है कि यह कानून मनरेगा को समाप्त कर ग्रामीण गरीबों, मजदूरों और किसानों की आजीविका पर सीधा हमला है।
राज्यसभा में हंगामे के बीच कार्यवाही स्थगित
शुक्रवार सुबह राज्यसभा में कार्यवाही की शुरुआत हंगामे के साथ हुई। सभापति सीपी राधाकृष्णन ने विपक्षी शोर-शराबे के बीच सदन की कार्यवाही जारी रखने का प्रयास किया। लगभग 20 मिनट तक सदन चला, लेकिन लगातार व्यवधान के चलते अंततः राज्यसभा की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। दरअसल राज्यसभा में विपक्ष ने वीबी-जी राम जी बिल को लेकर विरोध दर्ज कराते हुए हंगामा किया
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