राजस्थान सरकार आगामी बजट में पर्यटन और फिल्म उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए कई अहम घोषणाएं कर सकती है। ऐतिहासिक किलों और धरोहर स्थलों को वेडिंग और फिल्म शूटिंग का हब बनाने की तैयारी है।
किलों में शादी पर कैशबैक ऑफर
डेस्टिनेशन वेडिंग को मिलेगा सरकारी प्रोत्साहन- राज्य के ऐतिहासिक किलों और हेरिटेज प्रॉपर्टीज़ में शादी करने वालों को कैशबैक या इंसेंटिव देने की योजना पर विचार किया जा रहा है।
- लग्ज़री और डेस्टिनेशन वेडिंग को बढ़ावा
- पर्यटन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा
- होटल, इवेंट और ट्रैवल इंडस्ट्री को मिलेगा बूस्ट
राजस्थान में बीते साल (Rajasthan) रिकॉर्ड तोड़ 25 करोड़ से ज्यादा पर्यटक पहुंचे। इसे ध्यान में रखते हुए इस बार बजट में भी टूरिज्म सेक्टर को लेकर अहम घोषणाएं हो सकती हैं।
फरवरी की 11 तारीख को आने वाले बजट 2026-27 में ऐतिहासिक जगहों पर डेस्टिनेशन वेडिंग को बढ़ावा देने के लिए कैशबैक स्कीम लॉन्च हो सकती है।
कब-कहां कितने देशी-विदेशी पर्यटक हैं, मुख्यमंत्री स्तर पर इसकी LIVE मॉनिटरिंग के लिए ‘टूरिज्म वॉर रूम’ स्थापित करने की घोषणा हो सकती है। वहीं, राजस्थान में शूट होने वाली फिल्मों पर सब्सिडी बढ़ाई जा सकती है।
टूरिज्म में (AI) और डिजिटल को बढ़ावा देने के लिए हेरिटेज साइटों या ऐतिहासिक स्मारकों की जानकारी के लिए स्कैन QR कोड लगाए जा सकते हैं।
लोकल टूरिस्ट गाइड, लोक कलाकार, ड्राइवरों के लिए ‘पर्यटन रोजगार गारंटी’ जैसी स्कीम का ऐलान हो सकता है। वहीं, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख मंदिरों में कॉरिडोर बनाने की घोषणाएं भी संभव हैं।
टूरिज्म सेक्टर में क्या-क्या हो सकती हैं बड़ी घोषणाएं, पढ़िए इस स्टोरी में…
टूरिज्म वॉर रूम, मुख्यमंत्री कर सकेंगे मॉनिटरिंग
प्रदेश में ‘टूरिज्म वॉर रूम’ की स्थापना की जा सकती है, जिसकी मॉनिटरिंग सीधी मुख्यमंत्री स्तर पर होगी। इस टूरिज्म वॉर रूम के माध्यम से राजस्थान आने वाले देशी और विदेशी पर्यटकों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी।
राज्य में कुल कितने पर्यटक आ रहे हैं, किस पर्यटन स्थल पर सबसे अधिक भीड़ है और किन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में कमी है, इससे जुड़ी हर जानकारी वॉर रूम में एक डैशबोर्ड पर उपलब्ध रहेगी।
वॉर रूम के तहत रियल-टाइम डेटा एनालिसिस, पर्यटकों की फुटफॉल मॉनिटरिंग और पर्यटन से होने वाले रेवेन्यू का विश्लेषण किया जाएगा।
इन जानकारियों की त्वरित उपलब्धता से सरकार को नीति निर्धारण, संसाधनों के बेहतर उपयोग और पर्यटन सुविधाओं में तत्काल सुधार करने में मदद मिलेगी।
किलों-पैलेस में डेस्टिनेशन वेडिंग पर कैशबैक ऑफर
राजस्थान को डेस्टिनेशन वेडिंग का मैन अट्रैक्शन बनाने की दिशा में भी अहम पहल की जा रही है। पैलेस, फोर्ट और लेक-साइट जैसे ऐतिहासिक एवं दर्शनीय स्थलों पर डेस्टिनेशन वेडिंग की परमिशन के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम लागू हो सकता है।
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डेस्टिनेशन वेडिंग को प्रमोट करने के लिए कैशबैक स्कीम लाने की भी योजना है। इससे प्रदेश के होटल, इवेंट मैनेजमेंट, हैंडीक्राफ्ट और लोकल सर्विस सेक्टर को बड़ा फायदा मिल सकता है।
लोकल वेंडर्स को प्राथमिकता और इंसेंटिव जैसी घोषणाएं इस सेक्टर को नई गति दे सकती हैं।
‘टूरिज्म एम्प्लॉयमेंट गारंटी मॉडल’ ला सकती है सरकार
पर्यटन से जुड़े लोगों की आजीविका को सुरक्षित करने के लिए राज्य सरकार ‘टूरिज्म एम्प्लॉयमेंट गारंटी मॉडल’ स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है।
इसके तहत टूरिस्ट गाइड, लोक कलाकार, ड्राइवर और अन्य पर्यटन कर्मियों के लिए न्यूनतम सुनिश्चित आय का प्रावधान किया जा सकता है।
बेरोजगार युवाओं को सीधे लाभ पहुंचाने के लिए बजट में पर्यटन रोजगार गारंटी या स्किल आधारित योजना की घोषणा संभव है। इसके तहत स्थानीय युवाओं को गाइड, इवेंट मैनेजमेंट, होटलिंग और हेरिटेज मैनेजमेंट जैसी ट्रेनिंग देकर रोजगार से जोड़ा जा सकता है।
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