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Latest Hindi News : Train-कोहरे में ट्रेन कैंसिलेशन का आधार क्या है? रेलवे गाइडलाइन जानें

Anuj Kumar
Anuj Kumar
Latest Hindi News : Train-कोहरे में ट्रेन कैंसिलेशन का आधार क्या है? रेलवे गाइडलाइन जानें

नई दिल्ली,। सर्दियों के मौसम में उत्तर भारत में घने कोहरे (Dense Fog) का असर सिर्फ सड़क यातायात पर ही नहीं पड़ता, बल्कि रेल संचालन भी गंभीर रूप से प्रभावित होता है। विजिबिलिटी कम होने के चलते ट्रेनों की रफ्तार धीमी पड़ जाती है और कई बार सुरक्षा कारणों से ट्रेनों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ता है। इसी कड़ी में भारतीय रेलवे (Indian Railway) ने उत्तर भारत में चलने वाली कई ट्रेनों को 1 दिसंबर 2025 से 1 मार्च 2026 तक रद्द करने का फैसला लिया है। इससे यात्रियों को असुविधा होना तय है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर किन मानकों के आधार पर ट्रेनें कैंसिल की जाती हैं और ये ट्रेनें कौन सी होती हैं?

ट्रेनें रद्द करने का आधार क्या होता है?

रेलवे अधिकारी ने एक बातचीत के दौरान बताया कि ट्रेनों को रद्द करने की प्रक्रिया एक व्यवस्थित अध्ययन के बाद तय की जाती है। सबसे महत्वपूर्ण मानक ऑक्युपेंसी रेट (Occupancy Rate) यानी यात्री संख्या होता है। रेलवे यह सुनिश्चित करता है कि ऐसी ट्रेनें बंद न हों जिनमें रोजाना बड़ी संख्या में लोग सफर करते हैं। इसलिए वे ट्रेनें चुनकर रद्द की जाती हैं जिनमें यात्रियों की संख्या कम होती है, ताकि अधिक लोगों को परेशानी न हो।

मुख्य रूप से स्पेशल ट्रेनें ही होती हैं रद्द

रेल मंत्रालय के अनुसार, कोहरे के दौरान मुख्य रूप से स्पेशल ट्रेनें ही रद्द की जाती हैं। ये वे ट्रेनें होती हैं जिन्हें भीड़ बढ़ने पर अतिरिक्त सुविधा के रूप में चलाया जाता है। ये नियमित (रेगुलर) सेवाओं की श्रेणी में नहीं आतीं, इसलिए किसी विशेष परिस्थिति में सबसे पहले इन्हें ही बंद किया जाता है। इससे नियमित रेल सेवाओं पर असर नहीं पड़ता और लोगों को रोजमर्रा के सफर में कम दिक्कतें होती हैं।

AI आधारित विश्लेषण से तय होती है किन ट्रेनों को बंद करना है

हालांकि, यह जरूरी नहीं कि सभी स्पेशल ट्रेनों को ही रद्द किया जाए। रेलवे बताता है कि केवल वही ट्रेनें अस्थायी रूप से रोकी जाती हैं जो कोहरा प्रभावित इलाकों में चलती हैं और जिनमें यात्रियों की संख्या लगातार कम रहती है। इसके लिए रेलवे एआई आधारित डेटा एनालिसिस का उपयोग करता है, जिससे पता लगाया जाता है कि कौन सी ट्रेनें कम भीड़ के साथ चल रही हैं और किन्हें रद्द करने से यात्रियों को न्यूनतम असुविधा होगी।

यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी रखी जाती है

रेलवे के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, रद्द होने वाली ट्रेनों के यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी तैयार की जाती है, ताकि वे अन्य नियमित या उपलब्ध ट्रेनों से अपना सफर पूरा कर सकें। कुल मिलाकर, घने कोहरे में रेलवे का प्राथमिक उद्देश्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसलिए ट्रेनों को रद्द करना मजबूरी बन जाता है, लेकिन किन ट्रेनों को बंद किया जाए, इसका फैसला पूरी तरह डेटा, यात्रियों की जरूरतों और सुरक्षा को ध्यान में रखकर ही किया जाता है।

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