PKL 12: 29 अगस्त से शुरू होगा प्रो कबड्डी लीग का 12वां सीजन

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यूपी योद्धाज ने इन खिलाड़ियों को बनाया कप्तान और उपकप्तान

प्रो कबड्डी लीग (Pro Kabaddi League) के 12वें सीजन का आगाज 29 अगस्त से हो रहा है। जिसका फाइनल 23 अक्तूबर को खेला जाएगा। इसके लिए सभी टीमें अपनी-अपनी तैयारियों में जुटी हुई हैं। कई टीमों ने पहले ही अपनी टीमों के कप्तान का ऐलान कर दिया है। जबकि कुछ टीमों के कप्तान का ऐलान होना बाकी। इसी कड़ी में बुधवार को यूपी योद्धाज ने अपने कप्तान और उपकप्तान का ऐलान किया

सुमित सांगवान को बनाया कप्तान

यूपी योद्धाज ने जहां प्रो कबड्डी लीग के 12वें सीजन के लिए सुरेंद्र गिल की जगह सुमित सांगवान (Sumit Sangwan) को कप्तान बनाया है। वहीं आशु सिंह को उपकप्तान बनाया है। सुरेंद्र गिल प्रो कबड्डी लीग 11 में यूपी के कप्तान थे। सुमित सांगवान और आशु सिंह प्रो कबड्डी लीग 7वें सीजन से यूपी योद्धाज से जुड़े हुए हैं।

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कवर डिफेंडर के रूप में खेलते हैं आशु

अपनी चपलता, टाइमिंग और इंटेलिजेंस के लिए पहचाने जाने वाले सुमित सांगवान को टॉप डिफेंडर्स में शामिल है। आशु ज्यादातर कवर डिफेंडर के रूप में खेलते हैं। मुख्य कोच जसवीर सिंह ने कहा कि, सुमित और आशु असाधारण खिलाड़ी और सच्चे योद्धा हैं। अपने पहले मैच से ही उन्होंने प्रतिबद्धता, अनुशासन और टीम प्रथ मानसिकता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने सालों के निरंतर प्रदर्शन और समर्पण के माध्यम से ये जिम्मेदारी अर्जित की है।

भारत में प्रो कबड्डी की स्थापना कब हुई थी?

प्रो कबड्डी लीग की शुरुआत वर्ष 2014 में मशाल स्पोर्ट्स के सहयोग से हुई थी। इसका पहला सीज़न 26 जुलाई 2014 को शुरू हुआ, जिसमें भारत के विभिन्न राज्यों की टीमें शामिल हुईं। इस लीग ने कबड्डी को नए स्तर पर लोकप्रियता दिलाई।

प्रो कबड्डी 2025 टीमों के खिलाड़ियों की सूची क्या है?

प्रो कबड्डी 2025 में 12 टीमें शामिल हैं, जैसे पटना पाइरेट्स, जयपुर पिंक पैंथर्स, यू मुंबा, बेंगलुरु बुल्स आदि। प्रत्येक टीम में देश-विदेश के रेडर, डिफेंडर और ऑल-राउंडर शामिल हैं। खिलाड़ियों की आधिकारिक सूची लीग की वेबसाइट और आयोजन समिति द्वारा जारी होती है।

कबड्डी को पहली बार भारत के नेशनल गेम्स में किस वर्ष शामिल किया गया था?

कबड्डी को पहली बार 1938 में भारत के नेशनल गेम्स के कार्यक्रम में शामिल किया गया था। यह इवेंट कलकत्ता (कोलकाता) में आयोजित हुआ था। इसके बाद से यह खेल लगातार राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किया जाता रहा है।

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