टैक्स बचत और मजबूत डिमांड ने बढ़ाई ग्रुप की ताकत
नई दिल्ली: अडाणी(Adani) पावर ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के शानदार नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 64% की भारी बढ़त(Substantial Lead) के साथ ₹4,271 करोड़ पर पहुंच गया है, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹2,599 करोड़ था। मुनाफे में इस उछाल का एक मुख्य कारण टैक्स खर्च में आई 83% की भारी कमी है। इसके साथ ही कंपनी की कुल आय भी 10% बढ़कर ₹15,989 करोड़ हो गई है।
ऑपरेटिंग मजबूती और लॉन्ग टर्म एग्रीमेंट
बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव के बावजूद अडाणी पावर का परिचालन प्रदर्शन (EBITDA) 27% बढ़कर ₹6,498 करोड़ रहा। कंपनी ने अपनी आय को सुरक्षित करने के लिए ‘पावर परचेज एग्रीमेंट’ (PPA) पर विशेष ध्यान दिया है। वर्तमान में कंपनी की कुल ऑपरेटिंग कैपेसिटी का 95% हिस्सा लॉन्ग और मीडियम टर्म एग्रीमेंट के तहत सुरक्षित है। हाल ही में कंपनी ने महाराष्ट्र और तमिलनाडु के साथ नए समझौते किए हैं, जिससे भविष्य की कमाई में स्थिरता सुनिश्चित होगी।
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बाजार की प्रतिक्रिया और कंपनी का भविष्य
शानदार नतीजों के बावजूद, बुधवार को अडाणी पावर के शेयरों में करीब 2.5% की गिरावट देखी गई और यह ₹217.80 पर बंद हुआ। हालांकि, लंबी अवधि में निवेश का प्रदर्शन मजबूत रहा है; पिछले एक साल में कंपनी के शेयर ने 98% का रिटर्न दिया है। 15,250 मेगावॉट की क्षमता के साथ अडाणी पावर देश की सबसे बड़ी निजी थर्मल पावर उत्पादक बनी हुई है, जिसके पावर प्लांट गुजरात से लेकर झारखंड तक फैले हुए हैं।
अडाणी पावर के मुनाफे में 64% की वृद्धि होने का सबसे प्रमुख तकनीकी कारण क्या रहा?
मुनाफे में इतनी बड़ी वृद्धि का सबसे प्रमुख कारण टैक्स भुगतान में आई 83% की भारी कमी है। इसके अलावा कंपनी की आय में 10% की वृद्धि और बेहतर ऑपरेटिंग EBITDA ने भी मुनाफे को बढ़ाने में मदद की।
‘कॉन्सोलिडेटेड प्रॉफिट’ और ‘स्टैंडअलोन प्रॉफिट’ में क्या अंतर होता है?
स्टैंडअलोन प्रॉफिट केवल एक मुख्य कंपनी या यूनिट के प्रदर्शन को दर्शाता है, जबकि कॉन्सोलिडेटेड प्रॉफिट में मुख्य कंपनी के साथ-साथ उसकी सभी सहायक कंपनियों (Subsidiaries) और यूनिट्स का कुल वित्तीय प्रदर्शन शामिल होता है।
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