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Carlsen: बिसात पर बिखरा कार्लसन का आपा

Dhanarekha
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Carlsen: बिसात पर बिखरा कार्लसन का आपा

भारतीय युवाओं के सामने वर्ल्ड चैंपियन पस्त

स्पोर्ट्स डेस्क: दुनिया के नंबर-1 शतरंज खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन(Carlsen) एक बार फिर अपने आक्रामक व्यवहार के कारण चर्चा में हैं। दोहा में आयोजित वर्ल्ड रैपिड और ब्लिट्ज चैंपियनशिप के दौरान, भारतीय ग्रैंडमास्टर अर्जुन एरिगैसी से हारने के बाद कार्लसन अपना आपा खो बैठे। खेल के दौरान जब उनकी क्वीन हाथ से फिसलकर गिर गई, तो हताशा में उन्होंने टेबल पर जोर से हाथ पटका। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें उनकी खीझ साफ नजर आ रही है।

पिछला रिकॉर्ड: कैमरामैन को धक्का और बोर्ड पर मुक्का

यह पहली बार नहीं है जब कार्लसन ने हार के बाद ऐसा व्यवहार किया हो। इसी टूर्नामेंट के एक अन्य मुकाबले में रूस के व्लादिस्लाव आर्टेमिएव से हारने के बाद उन्होंने एक कैमरामैन को धक्का दे दिया था। इससे पहले, नॉर्वे चेस टूर्नामेंट(Carlsen) में भारत के डी गुकेश से मिली पहली क्लासिकल हार के बाद भी उन्होंने बोर्ड पर मुक्का मारा था। लगातार हार और दबाव के चलते कार्लसन का यह “बैड बॉय” अवतार शतरंज जगत में बहस का विषय बना हुआ है।

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भारतीय चुनौती: अर्जुन एरिगैसी का शानदार प्रदर्शन

भारतीय शतरंज के लिए यह टूर्नामेंट बेहद खास रहा है। 22 वर्षीय अर्जुन एरिगैसी, जो वर्तमान में वर्ल्ड नंबर-5 हैं, ने न केवल कार्लसन(Carlsen) को हराया बल्कि रैपिड कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल भी अपने नाम किया। इस साल अर्जुन ने अलग-अलग फॉर्मेट में कई बार कार्लसन को मात दी है, जो वैश्विक स्तर पर भारतीय शतरंज की उभरती शक्ति का प्रमाण है। ब्लिट्ज कैटेगरी का फाइनल मुकाबला कल यानी बुधवार को खेला जाना है।

मैग्नस कार्लसन और अर्जुन एरिगैसी के बीच हुए मुकाबले में विवाद का मुख्य कारण क्या था?

विवाद का मुख्य कारण कार्लसन(Carlsen) का खेल के प्रति हताशा भरा व्यवहार था। अर्जुन एरिगैसी से हार के करीब पहुंचने पर कार्लसन की ‘क्वीन’ उनके हाथ से फिसल गई, जिसके बाद उन्होंने गुस्से में टेबल पर हाथ पटका। उनकी यह ‘खीझ’ कैमरे में कैद हो गई और वायरल हो गई।

कार्लसन ने भारत के किन दो खिलाड़ियों के खिलाफ हारने पर अपना गुस्सा जाहिर किया है?

कार्लसन ने हाल ही में अर्जुन एरिगैसी से हारने के बाद टेबल पर हाथ पटका और इससे पहले नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में डी गुकेश से अपनी पहली क्लासिकल हार के बाद बोर्ड पर मुक्का मारा था। ये दोनों ही घटनाएं भारतीय युवाओं की कार्लसन पर बढ़ती बढ़त को दर्शाती हैं।

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