गुप्त भुगतानों के चलते फंसा क्लब
स्पोर्ट्स डेस्क: प्रीमियर लीग ने चेल्सी(Chelsea) फुटबॉल क्लब पर वित्तीय नियमों के उल्लंघन के लिए 10 मिलियन पाउंड (लगभग ₹92 करोड़) का जुर्माना लगाया है। यह मामला 2011 से 2018 के बीच का है, जब क्लब के मालिक रोमन अब्रामोविच थे। क्लब पर एक साल का ट्रांसफर बैन(Transfer Ban) भी लगाया गया है, जिसे फिलहाल दो साल के लिए टाल दिया गया है। जांच में पाया गया कि क्लब ने ईडन हजार्ड, विलियन और डेविड लुइज जैसे बड़े खिलाड़ियों को साइन करने के लिए अनरजिस्टर्ड एजेंटों को गुप्त तरीके से करोड़ों रुपये का भुगतान किया था, जिसकी जानकारी फुटबॉल अथॉरिटी को नहीं दी गई थी।
नए प्रबंधन ने खुद कबूली गड़बड़ी
दिलचस्प बात यह है कि इस पूरी धोखाधड़ी(Fraud) का खुलासा क्लब के नए मालिकों, ‘ब्लूको’ ग्रुप ने खुद किया। 2022 में क्लब खरीदने के बाद जब खातों की जांच की गई, तो इन गुप्त भुगतानों का पता चला। मैनेजमेंट ने खुद आगे बढ़कर प्रीमियर लीग को इसकी जानकारी दी। जांच में सामने आया कि खिलाड़ियों के अलावा कोचिंग स्टाफ और स्काउट्स(Chelsea) को भी ‘अंडर द टेबल’ सैलरी दी गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्लब खुद इसकी जानकारी नहीं देता, तो जुर्माना कहीं अधिक होता और उनके प्वॉइंट्स भी काटे जा सकते थे।
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एकेडमी पर पाबंदी और UEFA की कार्रवाई
क्लब की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होतीं। एकेडमी खिलाड़ियों के रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी के कारण चेल्सी की एकेडमी पर 9 महीने का बैन लगाया गया है, जिससे वे नए युवा खिलाड़ियों को साइन नहीं कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, UEFA पहले ही इस मामले में क्लब पर जुर्माना लगा चुका है और अब इंग्लैंड का फुटबॉल एसोसिएशन (FA) भी अलग से जांच कर रहा है। हालांकि, जिन खिलाड़ियों के ट्रांसफर पर विवाद है, उन्होंने उस दौर में चेल्सी को 2 प्रीमियर लीग और यूरोपा लीग समेत कुल 6 बड़ी ट्रॉफियां जिताने में अहम भूमिका निभाई थी।
चेल्सी पर गुप्त भुगतान के लिए कितनी राशि का जुर्माना लगाया गया है?
प्रीमियर लीग ने चेल्सी(Chelsea) पर 10 मिलियन पाउंड (लगभग ₹92 करोड़) का जुर्माना लगाया है और एकेडमी के मामले में ₹8 करोड़ का अलग से जुर्माना लगा है।
इन गुप्त भुगतानों का खुलासा कैसे हुआ और यह किस समय की घटना है?
यह गड़बड़ी 2011 से 2018 के बीच की है। इसका खुलासा तब हुआ जब 2022 में क्लब के नए मालिकों (‘ब्लूको’ ग्रुप) ने खातों की जांच की और खुद प्रीमियर लीग को इसकी जानकारी दी।
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