मुम्बई। युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा (Harshit Rana) भारतीय टीम में आने के बाद से ही अपनी जगह पक्की करने का प्रयास कर रहे हैं। हर्षित का सकारात्मक पक्ष यह है कि वह गेंदबाजी के साथ-साथ अच्छी बल्लेबाजी भी करते हैं। हालांकि इस बार आलोचना यह है कि मुख्य कोच गंभीर के करीबी होने के कारण उन्हें खेलने के अवसर मिल रहे हैं।
गेंदबाजी कौशल सुधारने में मोर्कल और अर्शदीप की मदद
इन आलोचनाओं पर ध्यान न देते हुए हर्षित नई गेंद से अपने कौशल को सुधारने के लिए गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल और बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह (Arshdeep Singh) के साथ काम कर रहे हैं। हर्षित ने कहा,
“नई गेंद से मैं मोर्ने (मोर्कल) के साथ बहुत अभ्यास कर रहा हूं और मैं अर्शदीप से बहुत बात करता रहता हूं। मुझे लगता है कि अर्शदीप के पास बहुत अनुभव है और वह अभ्यास के दौरान मेरी मदद और मार्गदर्शन करते रहते हैं।”
एक गेंद के नियम पर टीम की रणनीति
पारी के 34वें ओवर के बाद हर्षित ने एक गेंद के नियम को लेकर कहा कि भारतीय टीम (India Team) इस बात पर नजर रखती है कि दोनों गेंदों में से कौन सी अधिक पुरानी हो रही है, ताकि उसे चुना जा सके। उन्होंने बताया, आजकल के क्रिकेट में गेंदबाज को इतनी मदद नहीं मिलती, इसलिए यह नियम हमारे लिए बहुत सहायक है और हमेशा दिमाग में रहता है कि कौन सी गेंद पुरानी हो रही है।”
अनुभवी खिलाड़ियों से सीखने का मौका
हर्षित ने कहा कि टीम में अनुभवी बल्लेबाजों विराट कोहली और रोहित शर्मा के रहने से उन्हें काफी कुछ सीखने को मिला है।
“यह मेरे लिए और पूरी टीम के लिए बहुत बड़ी बात है। ऐसे अनुभवी खिलाड़ी मैदान और ड्रेसिंग रूम में आपके साथ रहते हैं तो टीम का माहौल बहुत अच्छा होता है। यहाँ तक कि ड्रेसिंग रूम में होना भी पूरी टीम के लिए खुशी का माहौल पैदा करता है।”
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