कप्तान ब्रूक का फॉर्म और बटलर का अनुभव
स्पोर्ट्स डेस्क: इंग्लैंड की कप्तानी कर रहे हैरी ब्रूक इस(India) समय प्रचंड फॉर्म में हैं। पाकिस्तान के खिलाफ हालिया शतक सहित वे टूर्नामेंट में 228 रन बना चुके हैं। उनके साथ अनुभवी(Experienced) जोस बटलर का नाम भारत के लिए चिंता का विषय है। भले ही बटलर इस टूर्नामेंट में फ्लॉप रहे हों, लेकिन 2022 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में भारत के खिलाफ उनकी 80 रनों की मैच जिताऊ पारी को भुलाया नहीं जा सकता। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम की बैटिंग पिच पर वे कभी भी फॉर्म में वापसी कर सकते हैं।
ऑलराउंडर्स का दबदबा: करन और जैक्स
इंग्लैंड(England) की सबसे बड़ी ताकत उसके ऑलराउंडर खिलाड़ी हैं। सैम करन डेथ ओवर्स में रन रोकने और मुश्किल समय में विकेट निकालने(India) के लिए जाने जाते हैं। वहीं, विल जैक्स इस टूर्नामेंट के सबसे बड़े ‘एक्स-फैक्टर’ साबित हुए हैं, जिन्होंने 7 मैचों में 4 बार ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का खिताब जीता है। जैक्स की ऑफ-स्पिन गेंदबाजी भारतीय टॉप-ऑर्डर के बाएं हाथ के बल्लेबाजों (अभिषेक, ईशान और तिलक) के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।
अन्य पढ़े: धोनी पर जुर्माना, रांची में तेज गति वाहन
पेस अटैक और जोफ्रा आर्चर की चुनौती
वानखेड़े स्टेडियम की लाल मिट्टी वाली पिच पेसर्स के लिए मददगार मानी जाती है, जहाँ जोफ्रा आर्चर की भूमिका अहम हो जाएगी। आर्चर अब तक टूर्नामेंट में 10 विकेट(India) ले चुके हैं और भारत के खिलाफ उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है। उनकी अतिरिक्त उछाल और गति संजू सैमसन जैसे बल्लेबाजों को परेशान कर सकती है। आर्चर के साथ-साथ स्पिन विभाग में आदिल रशीद और लियम डॉसन (दोनों के 11-11 विकेट) भारतीय मिडिल ऑर्डर की परीक्षा लेंगे।
हैरी ब्रूक ने किस टीम के खिलाफ शतक लगाकर इंग्लैंड को सेमीफाइनल में पहुंचाया?
हैरी ब्रूक ने पाकिस्तान के खिलाफ रन चेज करते हुए शानदार शतक लगाया और अपनी टीम को सुपर-8 के अहम मुकाबले में जीत दिलाकर सेमीफाइनल में पहुंचाया।
वानखेड़े स्टेडियम में जोस बटलर को फॉर्म में लौटने का सबसे बड़ा मौका क्यों माना जा रहा है?
वानखेड़े की पिच ‘बैटिंग फ्रेंडली’ यानी बल्लेबाजी के लिए बहुत अनुकूल मानी जाती है। बटलर ने अपनी पिछली कुछ पारियां यहीं खेली हैं और उनकी आक्रामक शैली इस पिच के मिजाज से पूरी तरह मेल खाती है।
अन्य पढ़े: