Latest Hindi News : धुरंधरों के फेल होते ही ढही भारतीय बल्लेबाज़ी

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भारतीय बल्लेबाज़ी
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नई दिल्ली । टी20 क्रिकेट में टीम इंडिया (Team India) को दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में गिना जाता है। रोहित शर्मा, विराट कोहली (Virat Kohli) और सुरेश रैना जैसे विस्फोटक बल्लेबाजों ने इस फॉर्मेट (Format) में कई ऐतिहासिक जीत दिलाई हैं। लेकिन इस सुनहरे सफर के बीच कुछ ऐसे दिन भी आए जब भारतीय बल्लेबाजी बुरी तरह लड़खड़ा गई और टीम 100 रन का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाई। ऐसे पांच मुकाबले भारतीय टी20 इतिहास के सबसे निराशाजनक दिनों में शामिल हैं।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 74 रनों पर ढही टीम इंडिया (2008)

भारत का अब तक का सबसे कम टी20 स्कोर 74 रन है, जो 2008 में मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बना था। उस दिन ऑस्ट्रेलियाई पेस अटैक के सामने भारतीय बल्लेबाज पूरी तरह असहाय दिखे। इरफान पठान ने 26 रन बनाकर कुछ उम्मीद जगाई, लेकिन बाकी बल्लेबाज रन जुटाने के लिए संघर्ष करते रहे और पूरी टीम 17.3 ओवर में ढह गई।

न्यूजीलैंड के स्पिन जाल में फंसे भारतीय बल्लेबाज (2016, नागपुर)

2016 टी20 विश्व कप का नागपुर मैच भी भारतीय फैंस के लिए किसी गहरे झटके जैसा था। न्यूजीलैंड के मिशेल सैंटनर और ईश सोढ़ी ने धीमी पिच का फायदा उठाते हुए भारतीय बल्लेबाजों को 18.1 ओवर में सिर्फ 79 रन पर समेट दिया। इस हार ने साबित किया कि स्पिन-अनुकूल परिस्थितियों में भी भारत की बल्लेबाजी कमजोर पड़ सकती है।

कोलंबो में कमजोर बेंच स्ट्रेंथ हुई बेनकाब (2021)

2021 में कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ खेले गए मुकाबले में भारत सीमित विकल्पों के साथ उतरा था, क्योंकि कोविड प्रोटोकॉल की वजह से कई खिलाड़ी आइसोलेशन में थे। युवा टीम श्रीलंकाई गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और 20 ओवर में सिर्फ 81 रन जुटा पाई। यह हार टीम की बेंच स्ट्रेंथ की वास्तविक स्थिति सामने लेकर आई।

कटक में दक्षिण अफ्रीका ने ध्वस्त की भारतीय पारी (2015)

2015 में कटक में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजी बुरी तरह बिखर गई। तेज गेंदबाजों की उछाल और धार के सामने बल्लेबाजों ने गलत शॉट खेलकर विकेट गंवाए और टीम 17.2 ओवर में केवल 92 रन पर सिमट गई।

पुणे में कसुन रजिता की तूफानी गेंदबाजी (2016)

2016 में पुणे में श्रीलंका के खिलाफ हुई हार भी भारतीय क्रिकेट इतिहास की चौंकाने वाली घटनाओं में शामिल है। डेब्यू मैच खेल रहे कसुन रजिता ने तीन विकेट लेकर भारत की बल्लेबाजी की रीढ़ तोड़ दी। नतीजा यह रहा कि टीम 18.5 ओवर में सिर्फ 101 रन बना पाई और मैच गंवा दिया।

मजबूत टीम भी गलत परिस्थितियों में लड़खड़ा सकती है

इन सभी मुकाबलों ने यह एहसास कराया कि चाहे टीम कितनी भी मजबूत क्यों न हो, गलत परिस्थितियों और आक्रामक गेंदबाजी के सामने बड़े-बड़े सितारे भी फ्लॉप हो सकते हैं। ये हारें भारतीय क्रिकेट के लिए सीख साबित हुईं कि किसी भी परिस्थिति या विपक्ष को हल्के में लेना बड़ा जोखिम बन सकता है।

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Anuj Kumar

लेखक परिचय

Anuj Kumar

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