Prince Yadav: प्रिंस यादव: संघर्ष से सफलता तक का सफर

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लखनऊ: जब प्रिंस यादव(Prince Yadav) का लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ कॉन्ट्रैक्ट हुआ, तो उनके पिता राम निवास यादव (जो रेलवे प्रोटेक्शन स्पेशल फोर्स से रिटायर्ड ASI हैं) को टीम की लिस्ट देखकर काफी चिंता हुई थी। उन्हें डर था कि मयंक यादव, आवेश खान और अर्जुन तेंदुलकर जैसे बड़े नामों के बीच उनके बेटे को मौका कैसे मिलेगा। हालांकि, प्रिंस ने न केवल टीम में अपनी जगह बनाई, बल्कि इस IPL सीजन में 6 मैचों में 11 विकेट लेकर मोहम्मद शमी जैसे अनुभवी गेंदबाजों को पीछे छोड़ते हुए LSG के ‘टॉप विकेट टेकर’ बन गए हैं

नौकरी की सुरक्षा बनाम क्रिकेट का जुनून

प्रिंस का क्रिकेट तक का सफर आसान नहीं था। उनके पिता चाहते थे कि वह पुलिस या सेना में सरकारी नौकरी करें, और प्रिंस ने दिल्ली पुलिस की शारीरिक परीक्षा पास भी कर ली थी। लेकिन, प्रिंस ने अपने क्रिकेट जुनून को चुनते हुए लिखित परीक्षा छोड़ दी। उन्होंने पिता से बड़ी हिम्मत के साथ कहा था कि अगर वह 145-150 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंदबाजी कर सकते हैं, तो उन्हें कोई नहीं रोक सकता। आज उनकी यह मेहनत रंग लाई है।

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बैन, वापसी और किस्मत बदलने वाला टूर्नामेंट

साल 2019 में उम्र छिपाने के आरोप में BCCI द्वारा लगाए गए 2 साल के बैन ने प्रिंस के करियर को लगभग खत्म कर दिया था। उस समय उनके पिता को लगा कि अब खेल खत्म हो गया है, लेकिन प्रिंस ने हार नहीं मानी। लॉकडाउन के बाद 2023 में उन्होंने नेट बॉलर के रूप में वापसी की। उनके करियर का टर्निंग पॉइंट दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) 2024 बना, जहाँ हैट्रिक लेने और शानदार गेंदबाजी के बाद लखनऊ ने उन्हें 30 लाख रुपए में अपनी टीम में शामिल किया।

प्रिंस यादव के करियर का ‘टर्निंग पॉइंट’ कौन सा टूर्नामेंट रहा और क्यों?

यादव के करियर का टर्निंग पॉइंट ‘दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) 2024’ रहा। इस टूर्नामेंट में उन्होंने ‘पुरानी दिल्ली-6’ टीम के लिए खेलते हुए न केवल टूर्नामेंट की पहली हैट्रिक ली, बल्कि कुल 13 विकेट भी चटकाए। इसी शानदार प्रदर्शन की बदौलत लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें 30 लाख रुपए में खरीदा।

प्रिंस यादव को करियर के शुरुआत में किस बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा था?

2019 में प्रिंस को सबसे बड़ी चुनौती का सामना तब करना पड़ा जब दिल्ली अंडर-19 के लिए उम्र छिपाने के आरोप में BCCI ने उन पर 2 साल का प्रतिबंध लगा दिया था। इससे उनके करियर पर विराम लग गया था और उनके परिवार को लगा था कि उनका खेल खत्म हो गया है, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और नेट बॉलर बनकर वापसी की।

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Dhanarekha

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