PCB की फटकार और दिग्गजों का अपमान
स्पोर्ट्स डेस्क: पाकिस्तान के ऑलराउंडर शादाब खान(Shadab Khan) ने नामीबिया के खिलाफ जीत के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटरों पर निशाना साधते हुए कहा कि कई दिग्गज खिलाड़ी अपने दौर में वर्ल्ड कप में भारत(India) को नहीं हरा सके, जबकि उनकी टीम ने यह कारनामा कर दिखाया है। शादाब का इशारा 2021 और उसके बाद की जीतों की ओर था। हालांकि, उनके इस बयान को सीनियर खिलाड़ियों के प्रति ‘अहंकार’ और ‘अशिष्टता’ के रूप में देखा जा रहा है, खासकर तब जब हाल ही में भारत ने पाकिस्तान को फिर से 61 रनों से शिकस्त दी है।
PCB की सख्त चेतावनी और मर्यादा का पाठ
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने शादाब खान के इस व्यवहार को ‘अनुचित’ करार दिया है। बोर्ड ने टीम मैनेजर नवीद चीमा के जरिए शादाब(Shadab Khan) को कड़ा संदेश भेजा है कि वे अपनी जुबान पर लगाम रखें और पूर्व खिलाड़ियों की गरिमा का सम्मान करें। उन्हें याद दिलाया गया कि उनके ससुर सकलैन मुश्ताक समेत कई दिग्गज पाकिस्तान क्रिकेट की नींव हैं। बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर भविष्य में किसी खिलाड़ी ने मर्यादा लांघी, तो उन पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
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सुपर-8 की चुनौती और मीडिया पर पाबंदी
मैदान के बाहर चल रहे इन विवादों के बीच पाकिस्तान टीम अब सुपर-8 राउंड की तैयारी कर रही है, जहाँ उनका मुकाबला 21 फरवरी को न्यूजीलैंड(Shadab Khan) से होगा। विवादों को बढ़ता देख टीम मैनेजमेंट ने खिलाड़ियों के मीडिया इंटरैक्शन पर सख्ती बढ़ा दी है। भारत से मिली हार के बाद टीम के मनोबल और बयानों को नियंत्रित करने के लिए कोच माइक हेसन और मीडिया मैनेजर अब बेहद सावधानी बरत रहे हैं, ताकि खिलाड़ी केवल खेल पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
शादाब खान के बयान पर पूर्व क्रिकेटरों की क्या प्रतिक्रिया रही?
पूर्व क्रिकेटर कामरान अकमल समेत कई दिग्गजों ने शादाब के बयान को ‘गैर-जरूरी’ और ‘बचकाना’ बताया है। उनका मानना है कि सीनियर खिलाड़ियों ने जिस दौर में क्रिकेट खेली, उसकी अपनी चुनौतियां थीं और वर्तमान खिलाड़ियों को अपनी सफलताओं का बखान दिग्गजों को नीचा दिखाकर नहीं करना चाहिए।
सुपर-8 राउंड में पाकिस्तान का अगला सफर कैसा रहेगा?
पाकिस्तान का पहला सुपर-8 मैच 21 फरवरी को कोलंबो में न्यूजीलैंड के खिलाफ है। इसके बाद उन्हें इंग्लैंड (24 फरवरी) और श्रीलंका (28 फरवरी) जैसी मजबूत टीमों से भिड़ना है। सेमीफाइनल की रेस में बने रहने के लिए पाकिस्तान को इन विवादों से निकलकर मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
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