साइबराबाद सीपी अविनाश मोहंती ने कार्यक्रम में भाग लिया
हैदराबाद। साइबराबाद पुलिस आयुक्तालय (Cyberabad Police Commissionerate) ने साइबराबाद सीपी ऑफिस परेड ग्राउंड में परेड आयोजित कर 63 वां होम गार्ड्स रेज़िंग डे मनाया। इस कार्यक्रम में साइबराबाद सीपी अविनाश मोहंती, संयुक्त आयुक्त डॉ. गजराव भूपाल, वरिष्ठ अधिकारी और होम गार्ड्स कर्मियों ने भाग लिया। होम गार्ड्स रेज़िंग डे (Home Guards Raising Day), जिसे 6 दिसंबर को देशभर में मनाया जाता है, 1946 में होम गार्ड्स संगठन की स्थापना की याद में मनाया जाता है। तब से यह संगठन पुलिस, सशस्त्र बलों और आपदा-प्रतिक्रिया एजेंसियों को सहयोग देने वाली एक महत्वपूर्ण सहायक इकाई के रूप में कार्य कर रहा है।
साइबराबाद वेलफेयर कमेटी का किया गया गठन
सीपी ने कहा कि जनवरी 2025 में साइबराबाद होम गार्ड्स को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी की स्थापना की, जो तेलंगाना में अपनी तरह की पहली सोसाइटी है। होम गार्ड्स के वित्तीय सुरक्षा और कल्याण उपायों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि होम गार्ड्स, पुलिस कर्मियों और उनके परिवारों को गंभीर बीमारियों में समय पर सहायता सुनिश्चित करने के लिए साइबराबाद वेलफेयर कमेटी का गठन किया गया है। ड्यूटी के दौरान घायल होने वाले होम गार्ड्स को बिना किसी वित्तीय सीमा के पूर्ण मेडिकल प्रतिपूर्ति दी जा रही है, जिससे कर्मियों के कल्याण और गरिमा पर आयुक्तालय का विशेष ध्यान प्रतिबिंबित होता है।
1,053 में से 912 होम गार्ड्स क्रेडिट सोसाइटी में हो चुके हैं शामिल
सीएआर मुख्यालय डीसीपी संजीव ने कहा कि दशकों में होम गार्ड्स व्यवस्था में महत्वपूर्ण विस्तार हुआ है, और तेलंगाना सरकार ने सेवा स्थितियों में सुधार हेतु कई कल्याणकारी उपाय लागू किए हैं। डीसीपी संजीव ने बताया कि 1,053 में से 912 होम गार्ड्स क्रेडिट सोसाइटी में शामिल हो चुके हैं। 46 लाभार्थियों को कुल 92 लाख के ऋण स्वीकृत किए गए हैं, साथ ही सेवानिवृत्ति और अंतिम संस्कार लाभ भी प्रदान किए गए। साइबराबाद वेलफेयर फंड ने हृदय रोग, कैंसर, गुर्दे की बीमारी, तंत्रिका तंत्र संबंधी समस्याओं और प्रत्यारोपण प्रक्रियाओं सहित गंभीर उपचारों के लिए 38.19 लाख की सहायता दी है।
कई अधिकारी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में माधापुर डीसीपी रितिराज, बालानगर डीसीपी के. सुरेश कुमार, राजेंद्रनगर डीसीपी योगेश गौतम, शमशाबाद डीसीपी बी. राजेश, डीसीपी स्पेशल ब्रांच वाई.वी.एस. सुधींद्र, डीसीपी क्राइम्स मुथ्याम रेड्डी, डीसीपी सृजना कर्णम, माधापुर एसओटी डीसीपी शोभन कुमार, माधापुर ट्रैफिक डीसीपी साई मनोहर, मेडचल ट्रैफिक डीसीपी रंजन रतन कुमार, एसीपी अरुण और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
होमगार्ड की 1 महीने की सैलरी कितनी होती है?
मासिक सैलरी राज्य के अनुसार अलग-अलग होती है, क्योंकि उनकी वेतन व्यवस्था केंद्र के बजाय राज्य सरकारें तय करती हैं। अधिकतर राज्यों में होमगार्ड को प्रतिदिन 700 से 900 रुपये तक का मानदेय मिलता है। इस हिसाब से उनकी एक महीने की सैलरी लगभग 18,000 से 24,000 रुपये के बीच हो सकती है। कुछ राज्यों में ड्यूटी दिनों के आधार पर यह रकम कम–ज्यादा भी हो सकती है।
होमगार्ड की नई भर्ती कब निकलेगी?
भर्ती भी हर राज्य सरकार अलग-अलग समय पर निकालती है, इसलिए इसकी कोई एक निश्चित राष्ट्रीय तिथि नहीं होती। आमतौर पर यह भर्ती राज्य पुलिस विभाग या होमगार्ड निदेशालय द्वारा साल में एक या दो बार जारी की जाती है। आप जिस राज्य के निवासी हैं, उस राज्य के पुलिस/होमगार्ड विभाग की आधिकारिक नोटिफिकेशन पर नज़र रखकर आगामी वैकेंसी की सही जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
होमगार्ड सरकारी है या प्राइवेट?
एक सरकारी बल है, जिसे राज्य सरकारों द्वारा संचालित किया जाता है। यह नियमित पुलिस बल नहीं है, बल्कि एक अर्धसैनिक/स्वैच्छिक सहायता बल की तरह काम करता है। आपदा, त्योहारों, भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक सहायता और कानून व्यवस्था बनाए रखने में यह पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर काम करता है। इसलिए यह बिल्कुल निजी संस्था नहीं, बल्कि सरकारी सुरक्षा प्रणाली का हिस्सा है।
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