CS : लंबित धनराशि को समयबद्ध तरीके से हासिल करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की

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रामकृष्ण राव का सौ दिन की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश

हैदराबाद। रामकृष्णा राव (Ramakrishna Rao) ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि केंद्र सरकार से प्राप्त होने वाले लंबित धनराशि को समयबद्ध तरीके से हासिल करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। सोमवार को डॉ. बी.आर. अंबेडकर सचिवालय में विभिन्न विभागों के सचिवों और प्रमुख सचिवों (Principal Secretaries) के साथ आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत राज्य को मिलने वाली बकाया राशि मार्च माह के अंत तक प्राप्त करने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से एसएनए फंड, 15वें वित्त आयोग अनुदान तथा अन्य केंद्रीय योजनाओं के अंतर्गत लंबित लगभग 15 हजार करोड़ रुपये की राशि पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए।

100 दिन की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश

पंचायत राज, ग्रामीण विकास, नगर प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जनजातीय कल्याण विभागों से संबंधित इन निधियों के समन्वय के लिए दिल्ली में एक विशेष अधिकारी की नियुक्ति करने का सुझाव भी दिया गया। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार 2 और 3 मार्च से 2 जून तक राज्यभर में विकास कार्यों के क्रियान्वयन हेतु विभागवार 100 दिन की कार्ययोजना (100 डेज एक्शन प्लान) तैयार करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने विशेष रूप से ग्रामीण विकास, नगर प्रशासन, स्वास्थ्य और शिक्षा विभागों में इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हाल ही में ग्राम पंचायत और नगर निकाय चुनाव संपन्न हुए हैं। ऐसे में नव-निर्वाचित वार्ड सदस्य, सरपंच, पार्षद और कॉरपोरेटरों को विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षित और जागरूक करने में यह 100 दिन की योजना सहायक होगी।

पेयजल संकट से निपटने की तैयारी

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान, सड़कों की मरम्मत, आगामी ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए पेयजल संकट से निपटने की तैयारी तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। आगामी कैबिनेट बैठक के लिए प्रस्ताव अगले दिन तक प्रस्तुत करने को भी कहा गया। बैठक में विशेष मुख्य सचिव विकास राज, सी.वी. आनंद, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव शेषाद्रि, प्रमुख सचिव संदीप सुल्तानिया, अहमद नदीम, एन. श्रीधर, योगिता राणा, सचिव क्रिस्टीना चोंग्थु, टीके श्रीदेवी, स्टीफन रवींद्र सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

कार्य योजना क्या है?

किसी लक्ष्य को निर्धारित समय में प्राप्त करने के लिए बनाई गई विस्तृत रूपरेखा को कार्य योजना कहा जाता है। इसमें उद्देश्य, समय सीमा, आवश्यक संसाधन, जिम्मेदार व्यक्ति और कार्य की चरणबद्ध प्रक्रिया शामिल होती है। यह योजना कार्य को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने में मदद करती है। सही रूप से बनाई गई योजना से समय की बचत होती है और लक्ष्य प्राप्ति की संभावना बढ़ जाती है।

कार्य योजना का उदाहरण क्या है?

मान लीजिए किसी विद्यालय में वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता आयोजित करनी है। इसके लिए तिथि तय करना, मैदान की तैयारी, खेल सामग्री की व्यवस्था, छात्रों का पंजीकरण, निर्णायकों की नियुक्ति और पुरस्कार वितरण की योजना बनाना आवश्यक होगा। इन सभी चरणों को लिखित रूप में तय कर जिम्मेदारियां बाँटना एक स्पष्ट उदाहरण है। इससे कार्यक्रम सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न होता है।

विकास कार्य क्या है?

समाज, क्षेत्र या देश की प्रगति के लिए किए जाने वाले कार्यों को विकास कार्य कहा जाता है। इसमें सड़क निर्माण, शिक्षा सुधार, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, पेयजल व्यवस्था, बिजली आपूर्ति और रोजगार सृजन जैसे प्रयास शामिल होते हैं। इन कार्यों का उद्देश्य लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना और सामाजिक-आर्थिक उन्नति सुनिश्चित करना होता है।

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Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

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