CM : मुख्यमंत्री ने केंद्र पर तेलंगाना के साथ भेदभाव का आरोप लगाया

Read Time:  1 min
मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री
FONT SIZE
GET APP

हैदराबाद। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी (Chief Minister A. Revanth Reddy) ने भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि 2013 से तेलंगाना राज्य के प्रस्तावित परियोजनाओं और केंद्रीय निधियों के आवंटन में भेदभाव किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बीआरएस नेतृत्व पर भी हमला करते हुए कहा कि वे ‘कोकीन और गांजा के नशेड़ी’ की तरह आचरण कर रहे हैं और राज्य सरकार के खिलाफ झूठी अफवाहें फैला रहे हैं। पत्रकारों से बातचीत करते हुए रेवंत रेड्डी ने कहा कि केंद्र ने राज्य सरकार (state government) द्वारा प्रस्तुत किसी भी परियोजना को स्वीकृति नहीं दी। उन्होंने बताया कि हाल ही में राज्य दौरे में भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन से उम्मीद थी कि वे पालमुरू रंगारेड्डी जिले को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देंगे, लेकिन उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा।

प्राणहिता-चेवेला परियोजना के संबंध में कोई सकारात्मक घोषणा नहीं

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडनवीस ने भी आदिलाबाद में प्राणहिता-चेवेला परियोजना के संबंध में कोई सकारात्मक घोषणा नहीं की, जो आदिलाबाद जिले को दो लाख एकड़ सिंचाई और पीने के पानी की सुविधा देती है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्रियों बंड़ी संजय और जी. किशन रेड्डी को तेलंगाना की स्वाभिमान को गिराने का दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि बाढ़ के समय बंड़ी संजय ने क्षतिग्रस्त वाहनों के लिए मुआवजे का वादा किया था, लेकिन चुनाव के बाद भाजपा ने लोगों को धोखा दिया। रेवंत रेड्डी ने बताया कि केंद्र को दी गई हर एक रुपये की राशि में से केवल 42 पैसे तेलंगाना को वापस मिलते हैं।

केंद्र ने तेलंगाना के लिए कोई राष्ट्रीय परियोजना नहीं दी

वहीं, कर्नाटक को 16 पैसे, तमिलनाडु को 26 पैसे और केरल को 49 पैसे मिले। बिहार को 6 रुपये 6 पैसे, मध्य प्रदेश को 2 रुपये 9 पैसे और उत्तर प्रदेश को 2 रुपये 90 पैसे प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र ने तेलंगाना के लिए कोई राष्ट्रीय परियोजना नहीं दी और न ही मूसी नदी पुनरुद्धार परियोजना के लिए, न मेट्रो रेल फेज़-2 परियोजना के लिए सकारात्मक कदम उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और बीआरएस के बीच गुप्त संबंध हैं, और यही कारण है कि किशन रेड्डी केआरसी, केटीआर और हरीश राव की फोन टैपिंग, कालेश्वरम और फॉर्मूला ई रेस मामलों में गिरफ्तारी रोक रहे हैं। उन्होंने कहा कि तीन-तरफा मुकाबला चल रहा है और जनता को पिछली गलत अनुभवों और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए अपने मत का निर्णय देना चाहिए।

तेलंगाना में हिंदुओं की आबादी कितनी है?

जनगणना के आधार पर तेलंगाना राज्य में हिंदुओं की आबादी लगभग 85 प्रतिशत के आसपास मानी जाती है। राज्य की कुल जनसंख्या में हिंदू समुदाय सबसे बड़ा धार्मिक समूह है। इसके बाद मुस्लिम, ईसाई और अन्य धर्मों के लोग रहते हैं। अलग-अलग जिलों में धार्मिक अनुपात थोड़ा-बहुत बदलता है, लेकिन राज्य स्तर पर हिंदू आबादी बहुमत में है।

तेलंगाना का दूसरा नाम क्या है?

ऐतिहासिक रूप से तेलंगाना को तेलंगाणा, तेलंग देश और कभी-कभी दक्कन का हिस्सा भी कहा गया है। प्राचीन ग्रंथों और लोक परंपराओं में इस क्षेत्र का उल्लेख अलग-अलग नामों से मिलता है। वर्तमान में आधिकारिक रूप से इसका नाम तेलंगाना ही है, जो 2014 में भारत का 29वां राज्य बनने के बाद व्यापक रूप से प्रचलित हुआ।

तेलंगाना और हैदराबाद में क्या अंतर है?

प्रशासनिक दृष्टि से तेलंगाना एक राज्य है, जबकि हैदराबाद उसकी राजधानी और एक शहर है। तेलंगाना में कई जिले, कस्बे और गांव शामिल हैं, जबकि हैदराबाद केवल एक महानगर है। राज्य की सरकार पूरे तेलंगाना का प्रशासन चलाती है, वहीं हैदराबाद नगर निगम शहर की स्थानीय व्यवस्थाओं और सुविधाओं को संभालता है।

Read Telugu News: https://vaartha.com/

यह भी पढ़ें :

Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।