Oracle: आईटी सेक्टर में कोहराम: ओरेकल की महा-छंटनी

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Oracle layoffs news
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भारत से 12,000 कर्मचारियों की छुट्टी

नई दिल्ली: दिग्गज अमेरिकी आईटी कंपनी ओरेकल(Oracle) ने एक बड़े संगठनात्मक बदलाव के तहत दुनिया भर में अपने 30,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस छंटनी का सबसे बड़ा असर भारत(India) पर पड़ा है, जहाँ अकेले 12,000 कर्मचारियों की छुट्टी कर दी गई है। कर्मचारियों को सुबह तड़के ई-मेल के जरिए सूचित किया गया कि जिस दिन वे यह मेल पढ़ रहे हैं, वही उनका आखिरी वर्किंग डे है। विशेषज्ञों ने इसे ‘इनविजिबल लेऑफ’ करार दिया है, क्योंकि कंपनी ने बिना किसी बड़ी आधिकारिक घोषणा के चुपचाप इतनी बड़ी संख्या में लोगों को बाहर का रास्ता दिखा दिया

AI निवेश और कार्यसंस्कृति का प्रभाव

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस छंटनी के पीछे मुख्य कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में कंपनी(Oracle) का भारी निवेश है। ओरेकल अब अंदरूनी तौर पर ऐसे AI टूल्स का इस्तेमाल कर रहा है जो कम जनशक्ति के साथ अधिक काम करने में सक्षम हैं। सीनियर मैनेजर्स का कहना है कि यह फैसला कर्मचारियों के प्रदर्शन (Performance) के आधार पर नहीं, बल्कि बदलती तकनीक के कारण लिया गया है। वहीं, कुछ पूर्व कर्मचारियों ने कंपनी के ’16 घंटे की वर्क शिफ्ट’ वाले कड़े कल्चर और इसके विरोध को भी नौकरी जाने की एक वजह बताया है।

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टेक जगत में छंटनी का दौर और भारत पर असर

ओरेकल की इस कार्रवाई ने भारतीय आईटी पेशेवरों के बीच असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है, विशेषकर उन टीमों को लेकर जो पूरी तरह से खत्म कर दी गई हैं। पिछले तीन महीनों में अमेजन, मेटा और डेल जैसी बड़ी कंपनियों को मिलाकर लगभग 94,000 से ज्यादा लोग अपनी नौकरियां गंवा चुके हैं। ओरेकल के मालिक लैरी एलिसन, जो दुनिया के छठे सबसे अमीर व्यक्ति हैं, की कंपनी की ओर से इस मामले पर फिलहाल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है, जिससे अगले महीने छंटनी के दूसरे दौर की आशंकाएं और गहरा गई हैं।

ओरेकल में हुई इस छंटनी का मुख्य कारण क्या बताया जा रहा है?

छंटनी का मुख्य कारण कंपनी द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में किया जा रहा भारी निवेश है। कंपनी अब ऐसे AI टूल्स का उपयोग कर रही है जो कम कर्मचारियों के साथ ज्यादा उत्पादकता देने में सक्षम हैं, जिससे कई तकनीकी भूमिकाएं खत्म हो गई हैं।

भारत के कर्मचारी इस छंटनी से किस प्रकार प्रभावित हुए हैं?

इस वैश्विक छंटनी में सबसे ज्यादा मार भारत पर पड़ी है, जहाँ 12,000 कर्मचारियों को निकाला गया है। कई पूरी की पूरी टीमों को रातों-रात खत्म कर दिया गया और कर्मचारियों का सिस्टम एक्सेस ई-मेल मिलने के कुछ ही मिनटों के भीतर बंद कर दिया गया।

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Dhanarekha

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