हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने गुरुवार को विधानसभा में स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधारों की घोषणा की। इन फैसलों का उद्देश्य गरीबों को बेहतर और त्वरित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब सीएम राहत कोष (CMRF) से शिक्षण अस्पतालों को भी फंड दिया जाएगा। इसके साथ ही (Aarogyasri) योजना के तहत मरीजों को शिक्षण अस्पतालों में इलाज की सुविधा दी जाएगी, जिससे इन अस्पतालों में सेवाओं में सुधार होगा।
पूर्व बीआरएस सरकार पर CMRF के दुरुपयोग का आरोप
उन्होंने कहा कि राज्य में 35 मेडिकल कॉलेज कार्यरत हैं, लेकिन वहां मरीजों की संख्या कम है। इसे बढ़ाने के लिए सरकार विशेष योजना बना रही है। अस्पतालों के बेहतर प्रबंधन के लिए ग्रुप-1 स्तर के अधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने पूर्व बीआरएस सरकार पर CMRF के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि अब ऑनलाइन सिस्टम के जरिए पारदर्शिता लाई गई है।
टीआईएमएस को विशेष चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा
Aarogyasri योजना के बकाया भुगतान पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि पिछली सरकार के कारण 627 करोड़ रुपए का बोझ पड़ा। वर्तमान सरकार अब तक 2408 करोड़ रुपए का भुगतान कर चुकी है और बकाया घटाकर 727 करोड़ रुपए कर दिया गया है। सरकार ने गरीबों के इलाज के लिए कुल 4500 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं और 10,000 अतिरिक्त बेड बढ़ाने की योजना बनाई है। साथ ही तेलंगाना चिकित्सा विज्ञान संस्थान(TIMS) अस्पतालों को विशेष चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
विदेशों में काम कर रहे तेलंगाना के डॉक्टरों को जोड़ा जाएगा
इसके अलावा, हैदराबाद के गोशामहल में 3000 करोड़रुपए की लागत से नया उस्मानिया अस्पताल बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ‘Indiramma Jeevitha Bima’ योजना के तहत 1.15 करोड़ परिवारों को जीवन बीमा देने की भी घोषणा की। विदेशों में काम कर रहे तेलंगाना के डॉक्टरों को जोड़ने के लिए सरकार एक विशेष वेबसाइट भी लॉन्च करेगी, जिससे वे अपने गृह राज्य में आकर सेवाएं दे सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य के साथ-साथ शिक्षा क्षेत्र को भी प्राथमिकता दी जाएगी और दोनों क्षेत्रों के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जाएगा।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :