Entertainment: डिजिटल स्क्रीन से बाहर निकला मनोरंजन

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लाइव इवेंट्स में 44% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी

मुंबई: साल 2025 में भारतीय मनोरंजन जगत में ‘लाइव इवेंट्स’ सबसे तेज़ बढ़ने वाला सेक्टर बनकर उभरा है, जिसने 44% की शानदार वृद्धि(Spectacular Growth) दर्ज की है। अब लोग केवल वीडियो देखना नहीं, बल्कि कार्यक्रमों का हिस्सा बनना चाहते हैं। इस बदलाव के पीछे मुख्य कारण युवाओं में बढ़ता ‘अनुभव आधारित उपभोग’ है। रिपोर्ट के अनुसार, पूरा मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर 9% बढ़ा है, लेकिन लाइव इवेंट्स ने अपनी चमक से सबको पीछे छोड़ दिया है, जिससे यह बाज़ार ₹1.45 लाख करोड़ (145 अरब) का हो गया है

शादियां और धार्मिक आयोजन बने ग्रोथ इंजन

आमतौर पर लाइव इवेंट्स का मतलब केवल म्यूज़िक कॉन्सर्ट समझा जाता है, लेकिन भारत में इस तरक्की की असली ताकत ‘वेडिंग इकोनॉमी’ और ‘धार्मिक पर्यटन’ है। महाकुंभ जैसे विशाल आयोजनों और भव्य शादियों (Mega Weddings) पर होने वाले खर्च ने इस सेक्टर को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के वर्ल्ड टूर और बड़े कॉन्सर्ट्स की संख्या में भी भारी इजाफा हुआ है, जिससे टिकटों की बिक्री और स्पॉन्सरशिप से होने वाली कमाई में जबरदस्त उछाल आया है।

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‘फिजिटल’ मॉडल और भविष्य की संभावनाएं

डिजिटल क्रांति लाइव इवेंट्स के लिए खतरा नहीं, बल्कि मददगार साबित हो रही है। सोशल मीडिया के जरिए प्रशंसकों की संख्या बढ़ रही है, जिससे फिजिकल इवेंट्स की मांग बढ़ी है। अब ‘फिजिटल’ (फिजिकल + डिजिटल) अनुभव का दौर है, जहाँ लाइव कार्यक्रमों को वर्चुअल तरीके से भी विस्तार दिया जा रहा है। अनुमान है कि 2028 तक यह सेक्टर ₹1.96 लाख करोड़ तक पहुँच जाएगा और देश के 20 से अधिक शहर बड़े आयोजनों की मेजबानी करने के लिए तैयार होंगे।

लाइव इवेंट्स सेक्टर की इस भारी बढ़ोतरी के पीछे मुख्य कारण क्या हैं?

इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य रूप से भव्य शादियां, महाकुंभ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन, अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के कॉन्सर्ट और युवाओं में किसी कार्यक्रम को व्यक्तिगत रूप से अनुभव करने की बढ़ती चाहत शामिल है।

क्या डिजिटल मनोरंजन के बढ़ने से लाइव इवेंट्स को नुकसान हो रहा है?

नहीं, बल्कि इसका उल्टा हो रहा है। सोशल मीडिया और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स कलाकारों और कार्यक्रमों की पहुंच बढ़ा रहे हैं, जिससे अधिक लोग लाइव टिकट खरीदने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। इसे ‘फिजिटल’ अनुभव कहा जा रहा है।

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Dhanarekha

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