हैदराबाद। कमोडोर सुजय कपूर (सेवानिवृत्त) ने रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) के अधीन रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (बीडीएल) के निदेशक (उत्पादन) के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है। कमोडोर कपूर इससे पहले नई दिल्ली स्थित नौसेना मुख्यालय में कमोडोर (आर्मामेंट प्रोडक्शन एंड इंडिजेनाइजेशन) के पद पर कार्यरत थे।
मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक होने के साथ ही उनके पास एमबीए, एमएससी तथा डिफेंस एंड स्ट्रेटेजिक स्टडीज में एम.फिल की डिग्री है। भारतीय नौसेना में उन्हें तीन दशकों से अधिक का व्यापक अनुभव प्राप्त है। अपने नौसैनिक करियर के दौरान कमोडोर कपूर ने पनडुब्बी रोधी रॉकेट, अत्याधुनिक फ्यूज और उनके लॉन्चर, एंटी-मिसाइल डिफेंस रॉकेट, टॉरपीडो और मिसाइलों में उपयोग होने वाले विस्फोटक, सेफ्टी एंड आर्मिंग मैकेनिज्म, टॉरपीडो डिकॉय और उनके लॉन्चर, नौसैनिक माइंस (naval mines) तथा जीवन रक्षक पायरो-टेक्निक उपकरणों के स्वदेशीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
युद्धक तैयारियों को मजबूत करने में निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका
इस कार्य में उन्होंने आयुध कारखानों, रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों और डीआरडीओ प्रयोगशालाओं के साथ मिलकर काम किया। उन्होंने नौसेना प्रतिष्ठानों और उत्पादन इकाइयों, जिनमें आयुध कारखाने और कई सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) शामिल हैं, में मजबूत गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली लागू करने में भी सफलता हासिल की। इससे आपूर्ति श्रृंखला की विश्वसनीयता, अनुपालन और संचालन क्षमता को मजबूती मिली। कमोडोर कपूर रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन और नेवल वॉर कॉलेज, गोवा के पूर्व छात्र भी हैं। उनका अनुभव स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने और सशस्त्र बलों की युद्धक तैयारियों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
रक्षा मंत्रालय में कौन-कौन से विभाग आते हैं?
भारत के रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत देश की सुरक्षा और सेना से जुड़े कई महत्वपूर्ण विभाग काम करते हैं। इनमें प्रमुख रूप से रक्षा विभाग, रक्षा उत्पादन विभाग, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग और पूर्व सैनिक कल्याण विभाग शामिल हैं। ये विभाग सेना की तैयारी, हथियारों के निर्माण, रक्षा तकनीक के विकास और पूर्व सैनिकों के कल्याण से जुड़े कार्यों की देखरेख करते हैं। इनके माध्यम से देश की थल, जल और वायु सेनाओं को आवश्यक संसाधन और नीतिगत समर्थन प्रदान किया जाता है।
वर्तमान में रक्षा मंत्रालय कौन है?
भारत सरकार में रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी वर्तमान में राजनाथ सिंह के पास है। वे देश के रक्षा मंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं और भारतीय सशस्त्र बलों से संबंधित नीतियों, सुरक्षा रणनीतियों और रक्षा परियोजनाओं की निगरानी करते हैं। रक्षा मंत्री का कार्य सेना की क्षमता को मजबूत बनाना, सीमा सुरक्षा से जुड़े फैसले लेना और रक्षा क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देना होता है। उनके नेतृत्व में कई रक्षा आधुनिकीकरण योजनाओं पर काम किया जा रहा है।
राजनाथ सिंह का संपर्क नंबर क्या है?
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जैसे उच्च पद पर बैठे नेताओं का व्यक्तिगत मोबाइल नंबर सार्वजनिक रूप से साझा नहीं किया जाता। सुरक्षा और गोपनीयता कारणों से उनके निजी संपर्क विवरण उपलब्ध नहीं होते। आम नागरिक अपनी समस्या या सुझाव भेजने के लिए उनके आधिकारिक कार्यालय, संसद कार्यालय या सार्वजनिक संपर्क माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं। इन माध्यमों के जरिए नागरिक अपनी बात सरकार तक पहुंचा सकते हैं और आवश्यक सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
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