हैदराबाद। बीआरएस अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) 19 दिसंबर को तेलंगाना भवन में बीआरएस विधायक दल और राज्य कार्यकारिणी समिति की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में कृष्णा और गोदावरी नदी जल विवादों तथा कांग्रेस सरकार द्वारा तेलंगाना के सिंचाई हितों की रक्षा में विफलता, जैसा कि पार्टी का आरोप है, पर चर्चा होगी। बीआरएस नेताओं का आरोप है कि आंध्र प्रदेश बिना रोक-टोक नदी जल का दोहन कर रहा है और राज्य सरकार ने पालमूरु–रंगारेड्डी लिफ्ट सिंचाई परियोजना (Palamuru–Rangareddy Lift Irrigation Project) को कमजोर करते हुए जल आवंटन को 90 टीएमसी से घटाकर 45 टीएमसी कर दिया है।
तेलंगाना के किसानों के हितों से समझौता
पार्टी नेतृत्व ने संकेत दिया है कि किसानों के अधिकारों की रक्षा और बीआरएस शासनकाल में शुरू की गई सिंचाई परियोजनाओं को पूरा कराने के लिए राज्यव्यापी जन आंदोलन शुरू किया जा सकता है। बीआरएस नेताओं के अनुसार, सिंचाई मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी द्वारा 45 टीएमसी पर सहमति देना तेलंगाना के किसानों के हितों से समझौता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रथम चरण ही पूरा नहीं हुआ है, तो पालमूरु लिफ्ट सिंचाई परियोजना का दूसरा चरण कैसे पूरा किया जाएगा। इन सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर बैठक में विस्तार से चर्चा की जाएगी।
चंद्रशेखर राव किस जाति के हैं?
के. चंद्रशेखर राव को सामान्यतः वेलामा समुदाय से जुड़ा माना जाता है, जो तेलंगाना क्षेत्र का एक पारंपरिक और प्रभावशाली सामाजिक समूह है।
चंद्रशेखर कौन से प्रधानमंत्री थे?
चंद्रशेखर सिंह भारत के प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने 1990 से 1991 तक यह पद संभाला। के. चंद्रशेखर राव कभी प्रधानमंत्री नहीं रहे, वे तेलंगाना के मुख्यमंत्री रहे हैं।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री कौन है?
वर्तमान में तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी हैं, जिन्होंने दिसंबर 2023 में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।
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