हैदराबाद। तेलंगाना भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के अधिकारियों ने शुक्रवार को गड़वाल जिले में एक पंचायत सचिव को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। जोगुलंबा गदवाल जिले के एकलासपुर गांव के पंचायत सचिव बोया रंगन्ना ने शिकायतकर्ता से घर निर्माण योजना की राशि जारी करने के लिए अवैध मांग की थी। एसीबी अधिकारियों के अनुसार, रंगन्ना ने प्रारंभ में 20,000 रुपये की मांग की थी इंदिरामा हाउसिंग योजना के चार किश्तों के लिए प्रत्येक 5,000 रुपये। शिकायतकर्ता के अनुरोध पर उन्होंने 15 हजार रुपये स्वीकार करने पर सहमति दी। एसीबी ने बताया कि रंगन्ना को मंडल परिषद विकास अधिकारी (MPDO) कार्यालय में रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया और उनके कब्जे से रिश्वत की राशि जब्त कर ली गई।
पंचायत सचिव ने पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध लाभ प्राप्त किया
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पंचायत सचिव ने अपनी पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध लाभ प्राप्त किया और शिकायतकर्ता की पत्नी के नाम पर घर निर्माण की पहली किश्त जारी करने तथा बाकी किश्तें बिना रोकटोक जारी करने में अनियमितता की। बोया रंगन्ना को गिरफ्तार कर विशेष न्यायालय एसपीई एवं एसीबी मामलों में पेश किया जाएगा। मामले की आगे की जांच जारी है। एसीबी ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी सरकारी अधिकारी द्वारा रिश्वत की मांग की सूचना तात्कालिक हेल्पलाइन 1064 पर दें।
पंचायत का सचिव कौन होता है?
ग्राम पंचायत के प्रशासनिक कार्यों को संभालने वाला सरकारी कर्मचारी पंचायत सचिव कहलाता है। यह व्यक्ति पंचायत की बैठकों का रिकॉर्ड रखता है, सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करता है और पंचायत से जुड़े दस्तावेजों का प्रबंधन करता है। पंचायत सचिव ग्राम प्रधान और पंचायत सदस्यों के साथ मिलकर काम करता है तथा गांव के विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं को लागू कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
पंचायत सचिव बनने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए?
सचिव बनने के लिए आमतौर पर उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (ग्रेजुएशन) होना आवश्यक होता है। इसके साथ ही कंप्यूटर का बुनियादी ज्ञान भी जरूरी माना जाता है। यह पद राज्य सरकार के अधीन होता है और इसके लिए भर्ती परीक्षा या चयन प्रक्रिया आयोजित की जाती है। चयन के बाद उम्मीदवार को पंचायत प्रशासन और सरकारी योजनाओं से संबंधित कार्यों की जिम्मेदारी दी जाती है।
पंचायत सचिव के रूप में किसे जाना जाता है?
ग्राम पंचायत के प्रशासनिक अधिकारी को पंचायत सचिव के रूप में जाना जाता है। यह व्यक्ति पंचायत कार्यालय का प्रमुख कर्मचारी होता है और पंचायत के सभी सरकारी रिकॉर्ड, दस्तावेज और योजनाओं का संचालन करता है। पंचायत सचिव सरकारी नियमों के अनुसार पंचायत के कामकाज को व्यवस्थित रखने और ग्राम विकास से जुड़े कार्यों को लागू कराने में अहम भूमिका निभाता है।
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